बिजनौर कलक्ट्रेट के महात्मा विदुर सभागार में पोषण समिति की बैठक लेते डीएम उमेश मिश्रा।
- डीएम ने ली बैठक, दिए दिशा निर्देश
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। कुपोषित मिल रहे बच्चों को उपचार के लिए जिला अस्पताल स्थित एनआरसी में भर्ती कराया जाए। किशोरियों एवं गर्भवतियों की हीमोग्लोबिन की जांच कराने के बाद अगर खून की कमी मिलती है तो उन्हें आयरन की गोलियों के साथ-साथ स्वास्थ्यवर्धक पोषण की सलाह भी दी जाए। यह दिशा निर्देश डीएम ने दिए।
बृहस्पतिवार को डीएम उमेश मिश्रा ने कलक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक ली। उन्होंने कहा कि पोषण प्रबंधन एवं कुपोषण से बचाव के लिए पोषण योजना स्वस्थ परिवार का प्रमुख आधार है। पोषण योजना के शत प्रतिशत अनुपालन के लिए सभी विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी दृढ़ संकल्प के साथ अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार के मंशा के अनुसार बच्चों, गर्भवती, किशोरियों, महिलाओं को पोषण स्तर में सुधार लाने के साथ ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करायी जाएं। साथ ही उनकी निरंतर निगरानी हो। आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति उनकी मां को जागरूक करें।
अति कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन कर उन्हें पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराकर ग्रीन श्रेणी में लाया जाए। उन्होंने कहा कि पुष्टाहार का उठान व उसका वितरण समय से हो, टेक होम राशन वितरण डाटा के प्रतिशत में कमी मिलने पर संबंधित सीडीपीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि बाल विकास विभाग में बच्चों व महिलाओं से संबंधित सभी उपकरण उपलब्धता एवं स्थिति क्रियाशीलता की समय-समय पर जांच करते रहें। इस अवसर पर सीडीओ पूर्ण बोरा, जिला कार्यक्रम अधिकारी नागेन्द्र मिश्रा, डीसी एनआएलएम ज्ञान सिंह, सभी बीडीओ व सीडीपीओ सहित एमओआईसी आदि मौजूद रहे।