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Bijnor News: बिजनौर - नर है रेहड़ में चार लोगों की जान लेने वाला गुलदार

Thu, 27 Apr 2023 11:54 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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अफजलगढ़ में गुलदार को पकड़ने पहुंची वन्य जीव विशेषज्ञ टीम।
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- पग मार्क का विशलेषण कर रहे विशेषज्ञ, एक गुलदार ने ली है चारों की जान
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- अभी तक शासन से नहीं मिली है गुलदार को आदमखोर घोषित करने की अनुमति
रजनीश त्यागी
बिजनौर। रेहड़ में दो बच्चों सहित चार लोगों की जान लेने वाला गुलदार एक ही है। इसके अलावा पग मार्क देख उसके नर होने की संभावना जताई जा रही है। उसकी उम्र पांच से छह साल के बीच हो सकती है। ट्रैप कैमरे, ड्रोन और पिंजरे के सहारे गुलदार को पकड़ने की तैयारी है। उधर, शासन से इस गुलदार को आदमखोर घोषित नहीं किया गया है। इस कारण सभी शूटर को घटना स्थल से दूर रखा जा रहा है।
रेहड़ में लोगों की जान लेने वाला गुलदार दिन पर दिन खतरनाक होता जा रहा है। पहले वह जंगल में हमला कर रहा था, लेकिन अब वह घर में घुसकर बच्चों को उठाने लगा है। 25 अप्रैल की रात जाब्तानगर में चार वर्षीय खुशी को गुलदार ने घर से उठाकर मार डाला और भाग गया। इसके बाद लोगों का गुस्सा भड़का तो वन विभाग ने पग मार्क विशेषज्ञ और निगरानी टीम लगा दी। पग मार्क के आधार पर डीएफओ बिजनौर अरुण कुमार सिंह कहते हैं कि इस गुलदार के नर होने की संभावना है। बाकि ट्रैप कैमरे और ड्रोन के जरिए उसकी तलाश हो रही है।
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मैन इटर नहीं मैन किलर कहिए
अभी तक रेहड़ में गुलदार ने जिन भी लोगों को मारा है, उनका मांस नहीं खाया है। ऐसे में वन्य जीवों के जानकार बता रहे हैं कि गुलदार आदमखोर बनने के पहले चरण की स्थिति में है। इसके बाद वह मांस भी खाना शुरू कर देगा। हो सकता है कि शोर होने और पीछा होने पर वह अपने शिकार को छोड़कर भाग रहा हो।


पेट की ओर से खाता है गुलदार, कमर से खाता है बाघ
वन्य जीव विशेषज्ञ कहते हैं कि गुलदार यदि आमदखोर हो जाए तो वह इंसानों को पेट की ओर से खाता है। इसके बाद बाघों की बात करें तो वह इंसानों को कमर की ओर से खाता है। हालांकि अभी तक किसी मामले में आदमखोर गुलदार इंसानी मांस नहीं खा पाया है।


अभी ट्रैंक्यूलाइज करने की तैयारी, शूटर रहेंगे दूर
वन विभाग की मानें तो अभी तक गुलदार को शासन की ओर से आदमखोर घोषित नहीं किया गय है। ऐसे में सभी शूटर को वहां से दूर रखा जा रहा है। केवल विशेषज्ञ विशलेषण करने में लगे हुए हैं। उधर, गुलदार को ट्रैक्यूलाइज करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए विशेषज्ञ बुला भी लिए गए हैं।
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अमानगढ़ में छोड़े 15 गुलदार, उनके बाहर आने की आशंका
अमानगढ़ में पिछले तीन माह में 15 गुलदार छोड़े जा चुके हैं। इनमें से दस गुलदार बिजनौर जिले के ही हैं। पांच गुलदार अमरोहा, बरेली आदि क्षेत्रों से आए थे। ऐसे में अमानगढ़ में अत्यधिक दबाव भी बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि अमानगढ़ में पहले से ही गुलदार हैं और बाघों की संख्या करीब 27 है। ऐसे में नए छोड़े गए गुलदार अपना क्षेत्र बना पाने में शायद सफल न हो रहे हों। उनके जंगल से बाहर आने की आशंका भी वन विभाग को अब सताने लगी है। इसी के चलते डीएफओ बिजनौर अरुण कुमार सिंह ने नए गुलदार यहां छोड़ने पर रोक लगा दी है।
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