- शाम चार बजे बिजनौर बैराज से छोड़ा गया एक लाख 35 क्यूसेक पानी
- बैराज पर गंगा का जलस्तर 219.50 मीटर किया गया दर्ज
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भले ही मैदानी इलाकों में तेज बारिश का दौर थम गया है, लेकिन नदियों में बरसात का असर अभी तक बना हुआ है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को छूकर बह रहा है। बिजनौर बैराज से गंगा में एक लाख 35 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। खादर के खेतों में भी अभी तक बाढ़ का पानी भरा हुआ है। जिससे में फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
बुधवार की दोपहर 12 बजे हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से एक लाख 21 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हालांकि हरिद्वार से पानी छोड़ने में कमी की गई है। फिर भी बैराज पर पानी कम होने का नाम नहीं ले रहा है, जिसकी वजह है बरसाती नदियों में उफान आना। बता दें कि पहाड़ की बारिश से कोटावाली, रवासन और मालन आदि नदियों में लगातार पानी आ रहा है। जिसके चलते बिजनौर गंगा बैराज पर पानी ज्यादा हो रहा है। इस स्थिति में बुधवार को भी बिजनौर बैराज पर जलस्तर 219.50 मीटर दर्ज किया गया।
उधर, बुधवार सुबह बिजनौर बैराज से गंगा में एक लाख 58 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। शाम ढलने तक कमी करते हुए सिर्फ एक लाख 35 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। साथ ही बाढ़ का असर जिले में अभी तक बना हुआ है। खादर इलाकों के खेतों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। जिससे गन्ना समेत अन्य फसल चौपट होने की कगार पर पहुंच गई है। मालन में एक बार फिर उफान आया तो नदी का पानी बिजनौर-मंडावर मार्ग पर बहने लगा। शाम पांच बजे पुलिस को मंडावर-बिजनौर मार्ग पर मालन नदी पुल के पास तैनात कर दिया गया। पुलिस की मौजूदगी में सावधानी पूर्वक वाहनों को निकलवाया गया। चार दिन पहले भी इस मार्ग को बंद करना पड़ा था।