-केमिकल युक्त पानी छोड़ने से दूषित हो गई मालन
-मालन के दूषित होने के तीन बाद भी अधिकारी नहीं कर पा रहे आंकड़े एकत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अधिकारी कागजों में मालन के स्वच्छ होने का दावा कर रहे हैं। मगर हकीकत में मालन नदी धरातल पर दूषित हो गई है। नदी का पानी काला पड़ गया। मालन नदी में केमिकल युक्त पानी छोड़े हुए तीन दिन हो गए हैं। मगर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी अभी तक आंकड़े एकत्र नहीं कर पाए हैं।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जनवरी 2023 में मालन नदी में डिजोल ऑक्सीजन की मात्रा 8.70 थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने पानी का यह नमूना मंडावर पुल के पास से लिया था। अधिकारी इतने डिजोल ऑक्सीजन में मछली नहीं मरने का दावा करते हैं। मगर बुधवार को मालन नदी में मछलियां मर गई। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि केमिकल युक्त पानी छोड़ने से डिजोल ऑक्सीजन कम हुआ है। जिस कारण मछलियां मर गई। मगर अभी भी विभागीय अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। तीन दिन बीतने के बाद विभागीय अधिकारी केमिकल युक्त पानी छोड़ने का स्रोत तलाशने में नाकाम रहे हैं। इससे जाहिर होता है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी स्रोत तलाशना ही नहीं चाहते हैं।
वर्जन::
अभी तक उनके पास जांच रिपोर्ट नहीं है। मालन नदी से कितने नमूने एकत्र किए, यह जानकारी अभी उन्हें नहीं मिली है। जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।....विजय कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिजनौर
नसीरी माइनर में टैंकर से छोड़ा केमिकल युक्त पानी
बिजनौर। फैक्टरी संचालक बड़ी नदियों में तो केमिकल युक्त पानी छोड़ ही रहे हैं। मगर वह नहरों में भी काला पानी छोड़ दूषित कर रहे हैं। बृहस्पतिवार की देर रात कुछ लोगों ने टैंकर से केमिकल युक्त पानी नसीरी माइनर में छोड़ दिया। इस माइनर से हजारों बीघा जमीन की सिंचाई की जाती है। मगर ये लोग केमिकल युक्त पानी डालकर उसे भी खेती को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी टैंकर से केमिकल युक्त पानी छोड़ते हुए वीडियो, फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे हैं। इतना सब होने के बाद भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई करने को तैयार ही नहीं है।