13 अक्तूबर को धामपुर में आए थे महात्मा गांधी
धामपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी धामपुर में 13 अक्तूबर 1929 को आए थे। उन्होंने केएम स्कूल के मैदान सभा को संबोधित कर अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट होने का लोगों को संदेश दिया था। जनता की ओर से 200 रुपये की थैली उन्हें भेंट की गई थी। सभा करने के बाद गांधी जी शाम को मुरादाबाद से आने वाली ट्रेन में सवार होकर हरिद्वार के लिए चले गए थे। पुरातन अभिलेखों, तथ्यों के संग्रहकर्ता वरिष्ठ अधिवक्ता गजेंद्र सिंह ने बताया कि गांधी जी के धामपुर आगमन के लिए व्यवस्थाएं करने को गांधी स्वागत कारिणी समिति गठित की गई थी।
इसके मंत्री डाक्टर डी. गांगुली और सदस्य खादी व्यापारी चौधरी उमराव सिंह बतौर सदस्य थे। उन्होंने प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। केएम स्कूल के मुख्य गेट से अंदर जाने वाले मार्ग पर चौधरी उमराव सिंह की ओर से खादी के कोरे थानों को उनके स्वागत में बिछवाया गया था। लोकतंत्र सेनानी रहे चरण सिंह सुमन की ओर से साल 1986 में प्रकाशित स्वाधीनता संग्राम के वीरों की गाथा पुस्तक में इसका विस्तार से वर्णन किया गया है। महेश शरण गर्ग की पुस्तक क्रांति समर के वीरों की गाथा साल 2004 में भी विस्तार से जिक्र है।