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बिना मान्यता के 1966 से चल रहा मदरसा

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नजीबाबाद में मदरसा अशरफुल उलूम का निरीक्षण करते एसडीएम विजय वर्धन तोमर। - फोटो : NAZIBABAD
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बिना मान्यता के 1966 से चल रहा मदरसा
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नजीबाबाद। शासन के निर्देश पर नगर क्षेत्र के मदरसों की जांच शुरू की गई है। नगर में दो मदरसे बिना मान्यता के चलते मिले हैं। इनमें एक मदरसा 1966 और दूसरा 2015 से बिना मान्यता के चलता मिला। एसडीएम विजय वर्धन तोमर ने क्षेत्रीय लेखपाल गोविंद सिंह के साथ नगर के दो गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की जांच की।
बारादरी क्षेत्र में स्थित मदरसा अशरफुल उलूम के प्रबंधक एवं संचालक मौलाना मोहम्मद ईसा की उपस्थिति में एसडीएम ने शासन से आए 11 बिंदुओं पर जांच पड़ताल की। वर्ष 2015 में स्थापित मदरसे की भवन स्थिति, तलबा की संख्या, मदरसे में दी जाने वाली शिक्षा, पेयजल, बिजली आदि विभिन्न बिंदुओं पर एसडीएम ने मदरसा संचालक से जानकारी की। मदरसा संचालक मोहम्मद ईसा ने बताया पिछले कई वर्षों से मदरसों को मान्यता नहीं दी जा रही, जिससे मदरसा बोर्ड में पंजीकृत मदरसे की मान्यता का मामला लंबित है। पठानपुरा स्थित मदरसा अरबिया इस्लामिया अनवारूल उलूम पहुंच कर प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष शमीम अहमद, मदरसा संचालक मौलाना अनवारूल हक कासमी, कदीर अहमद , तस्लीम अहमद से मदरसे के संबंध में जानकारी की। 1966 से चल रहे इस मदरसे को भी अभी तक मान्यता नहीं मिल पाई है। मदरसे में करीब 60 बच्चे पंजीकृत हैं।
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एसडीएम ने गैर मान्यता प्राप्त मदरसा संचालकों से स्वयं प्रशासन को जानकारी उपलब्ध कराने की सलाह दी। नजीबाबाद ब्लॉक में मान्यता प्राप्त और अनुदानित मदरसों की संख्या लगभग 131 बताई जाती है। इनके अतिरिक्त दर्जनों गैर मान्यता प्राप्त मदरसे हैं। मदरसों की जांच के बीएसए, एसडीएम और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। नगर क्षेत्र के मदरसों की जांच के लिए मदरसा फारुखुल उलूम साहनपुर के प्रधानाचार्य मौलाना सलीम और गयासुद्दीन फैजी को प्रशासन ने सहयोगी के रुप में साथ लिया है।
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