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मध्य गंगा नहर आज होगा परीक्षण, छोड़ा जाएगा पानी

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बिजनौर में मध्य गंगा नहर परियोजना के तहत बनाई गई नहर। - फोटो : BIJNOR
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मध्य गंगा नहर आज होगा परीक्षण, छोड़ा जाएगा पानी
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अचल चौधरी
बिजनौर। बिजनौर गंगा बैराज से निकलकर बहजोई, संभल-अमरोहा आदि को सिंचाई के लिए पानी मुहैया कराने वाली मध्य गंगा नहर में ट्रायल के तौर पर आज पानी छोड़ा जाएगा। मुख्य नहर में 55 किलोमीटर तक पानी छोड़ा जाना है। ट्रायल के वक्त नहर पर जगह जगह सिंचाई विभाग के अभियंता तैनात रहेंगे। ट्रायल कर यह परखा जाएगा कि नहर कहां मजबूत है और कहीं कोई कमी तो नहीं रह गई।
साल 2007-08 में मध्य गंगा नहर के द्वितीय चरण का काम शुरू हुआ। बिजनौर बैराज से शुरू हुए निर्माण को गांव रामपुर ठकरा में वन विभाग ने रुकवा दिया था। गांव की करीब पांच हेक्टेयर जमीन पर वन विभाग ने अपना दावा किया था। बाद में सीएम योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद यह विवाद निपटा और काम में तेजी आई। इससे पहले सिंचाई विभाग ने ग्रामीणों की जमीन मानते हुए अधिग्रहण किया था। गजट में जमीन ग्रामीणों के नाम पर दर्शायी गई थी और सिंचाई विभाग ने उसी आधार पर उनसे जमीन खरीदी थी। मानचित्र में यह वन विभाग की भूमि थी। वन विभाग ने मानचित्र के अनुसार अपनी जमीन का सीमांकन नहीं किया हुआ था और जमीन पर ग्रामीणों का कब्जा था। साल 2016 में कोर्ट ने भी वन विभाग के पक्ष में फैसला दिया था।
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परियोजना में 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। पहले फरवरी के महीने में 66 किलोमीटर लंबी मुख्य नहर में पानी छोड़े जाने की योजना बनी, लेकिन मुख्य नहर पर अमरोहा में रेलवे ब्रिज बन रहा है। इसके चलते अब 55 किमी लंबी मुख्य नहर में पानी छोड़कर ट्रायल करने का निर्णय लिया गया है। आज सुबह दस बजे सिंचाई विभाग के तमाम अभियंता बिजनौर बैराज पर पहुंचेंगे।
चार गुना बढ़कर 4417 करोड़ रुपये हो गई लागत
बिजनौर। मध्य गंगा नहर परियोजना 14 साल बाद भी पूरी नहीं हो पाई। जमीनों के अधिग्रहण में मामला उलझता गया। देरी से नहर की लागत बढ़कर चार गुणा तक पहुंच गई है। शुरुआत से ही विवादों में फंसी यह परियोजना बार-बार लटकती रही। साल 2007-2008 में मध्य गंगा नहर परियोजना शुरू हुई तो उस समय इसकी मूल लागत 1060 करोड़ थी। साल 2016 में पुनरीक्षित बजट बढ़कर 4417 करोड़ पहुंच गया। मार्च 2021 तक इस परियोजना पर 3404 करोड़ खर्च हो चुके हैं।
1850 गांवों की जमीनों की होगी सिंचाई
मध्य गंगा नहर निर्माण पूरा होने पर करीब 1850 गांव की जमीनों को सिंचाई के लिए पानी मिलना है। अमरोहा में छह ब्लॉक में 59 हजार हेक्टेयर, संभल में 70 हजार हेक्टेयर और मुरादाबाद के केवल डींगरपुर ब्लॉक में 16569 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई इस परियोजना के पूरा होने से सकेगी। मुख्य नहर से निकलने वाली बहजोई शाखा, चंदौसी शाखा का निर्माण 90 प्रतिशत कर लिया गया जबकि रजबहे, अल्पिका, एस्केप आदि का निर्माण अभी 80 प्रतिशत हुआ है।
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मध्य गंगा नहर परियोजना की मुख्य नहर में आज पानी छोड़कर ट्रायल किया जाएगा। जिससे नहर निर्माण की मजबूती को भी परखा जाएगा। जगह जगह अभियंता तैनात रहेंगे। ...पीपी गौतम, अधिशासी अभियंता मध्य गंगा नहर खंड पांच
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