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Bijnor News: जिले की सभी गोशाला में गोकाष्ठ बनाने की लगेंगी मशीनें

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जिले की सभी गोशाला में गोकाष्ठ बनाने की लगेंगी मशीनें
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बिजनौर। यकिन मानिए, गऊमाता जीवन के प्रारंभ से अंत तक साथ निभाएगी। दरअसल गोवंश के गोबर से गोकाष्ठ बनाने की कवायद चल निकली है। इस गोकाष्ठ की आपूर्ति जिले के श्मशान घाटों पर की जाएगी। गोकाष्ठ बनाने की मशीनों को गोशालाओं में स्थापित किया जाना है। जिसके लिए सभी खंड विकास अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
जिले में निराश्रित गोवंश एक समस्या बनता जा रहा है। जिसके निवारण के लिए गोशालाओं का निर्माण जारी है। हालांकि पहले भी गोशाला चल रही है। गोशालाओं को अब रोजगार से भी जोड़ने का खाका तैैयार कर लिया गया है। इससे सिर्फ गोशाला का खर्च ही नहीं निकलेगा बल्कि रोजगार भी मिलेगा।
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इस क्रम के प्रारंभ में सभी गोशाला में गोकाष्ठ बनाने की मशीन लगाई जानी है। गोकाष्ठ बनाकर जिले के श्मशान घाट, ईट भट्टों और अन्य जगहों पर आपूर्ति की जाएगी। हवन आदि के लिए भी गोकाष्ठ मुहैया होगी। इस व्यापारिक गतिविधि को ऑनलाइन बाजार भी उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे ऑनलाइन भी गोकाष्ठ की बिक्री की जा सके।
पहले गोकाष्ठ फिर धूप बत्ती पर रहेगा जोर
पहले चरण में गोकाष्ठ बनाने की योजना है। इसके बाद गोबर से धूपबत्ती बनाई जाएगी। जिससे महिलाओं को रोजगार देने की कवायद चल रही है।
स्कूलों में होगी दूध की आपूर्ति
गोशाला में होने वाले उत्पादित होने वाले दूध को परिषदीय स्कूलों में आपूर्ति करने की भी योजना है। जिससे अमृत सामान कहे जाने वाले गाय के दूध का लाभ बच्चो को मिल सके। वहीं डेयरी पर भी दूध बेचने की योजना है।
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जल्द लगेंगी गोकाष्ठ मशीनें : डीएम
डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि सभी बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं कि सभी गोशालाओं में गोकाष्ठ बनाने वाली मशीनें लगवाई जाएं। इसके बाद गाय के गोबर से पूजा के कंडे, धूपबत्ती भी तैयार कराई जाएगी। इसका मकसद गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
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