संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। 17 साल पहले अनैतिक संबंधों के चलते पति तेजपाल सैनी की हत्या कर घर के गड्ढे में दबाकर सबूत मिटाने के मामले में अपर जिला जज अलका चौधरी ने सोनी को दोषी पाया है। उसे उम्रकैद की सजा का फैसला सुनाया। साथ ही सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
अभियोजन अधिकारी ने बताया कि स्योहारा क्षेत्र के रवाना शिकारपुर की रहने वाली भगवान देवी पत्नी ध्यान सिंह ने 14 मई 2007 को थाना स्योहारा में रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि उसके भाई तेजपाल सिंह सैनी की पत्नी सोनी के गांव के ही गीतू उर्फ गीताराम पुत्र हरिश्चंद्र से कई वर्षों से अनैतिक संबंध थे। आरोपी सोनी का प्रेमी उसके भाई की संपत्ति हड़पना चाहता था।
बहन भगवान देई को अपने भाई तेजपाल के गायब होने की खबर मिली थी। उसे पता चला कि उसके भाई तेजपाल सैनी को गांव के गीतू उर्फ गीताराम पुत्र हरिश्चंद्र और हरिश्चंद्र पुत्र मुकंदी और उसकी भाभी सोनी ने हत्या कर शव को मकान के अंदर कच्चे कोठे में गड्ढा खोदकर दबा दिया है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल कर सोनी से पूछताछ की तो उसने गीतू उर्फ गीताराम से अनैतिक संबंधों के कारण पति तेजपाल सैनी की हत्या करने की बात कबूली।
पुलिस ने गड्ढे से शव निकलवा कर पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी सोनी पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गई थी। इस कारण कोर्ट ने सोनी की फाइल अन्य दो आरोपी गीतू उर्फ गीताराम व हरिश्चंद्र से अलग करते हुए विचारण किया।
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