नूरपुर के गांव गुनियाखेड़ा निवासी पवन सिंह की हत्या के लिए अपहरण करने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रकाश चंद्र शुक्ला ने नूरपुर के पवन सिंह की हत्या के लिए अपहरण करने में दोषी पाते हुए उसकी पत्नी प्रतिभा और संभल निवासी उसके प्रेमी सोनू उर्फ सोविंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
नूरपुर क्षेत्र के गांव गुनियाखेड़ा निवासी मनोज कुमार पुत्र कृपाल सिंह ने अपने भाई पवन सिंह की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बताया था कि उसका भाई 28 जनवरी 2016 को गाजियाबाद इंटरव्यू देने गया था। वह रास्ते से गुम हो गया। एक हफ्ते बाद मनोज कुमार को भाई यशवीर और उसके दोस्त से जानकारी मिली कि 30 जनवरी 2016 को पवन सिंह को उसके परिचित सोनू उर्फ सोविंद्र पुत्र जितेंद्र सिंह निवासी गांव अलिया थाना असमौली जिला संभल के साथ देखा गया।
मनोज ने संदेह के आधार पर आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस की पूछताछ पर पवन कुमार की पत्नी प्रतिभा का नाम भी सामने आया। आरोपी प्रतिभा ने सोनू उर्फ सोविंद्र के साथ मिलकर पति पवन के अपहरण का षड्यंत्र किया था। प्रतिभा के संबंध सोनू से थे। पवन का शव नहीं मिल सका था।
अभियोजन अधिकारी के अनुसार पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजकर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मंगलवार को अदालत ने अपहरण करने में दोषी पाते हुए सोनू और प्रतिभा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।