संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम प्रकाशचंद शुक्ला ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी सचिन व सुमित को आजीवन कारावास व एक लाख 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से एक लाख रुपये पीड़ित को प्रतिकर की धनराशि के रूप में देने का आदेश दिया है।
शासकीय अधिवक्ता योगेंद्र कुमार के अनुसार थाना स्योहारा के एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री की आयु 15 वर्ष है। 12 अक्तूबर 2021 की रात्रि में उनके गांव में मंदिर पर कीर्तन का कार्यक्रम चल रहा था। जिसके कारण घरवाले जागे हुए थे। रात्रि करीब डेढ़ बजे उसकी पुत्री घर से बाहर पानी भरने के लिए गई थी। सचिन, सुमित व प्रियांशु उसकी पुत्री को बहला फुसलाकर अपहरण कर ले गए।
उसकी पुत्री तलाश करने पर मंदिर के पास बेहोश मिली। इस मामले में पुलिस की ओर से सचिन और सुमित के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। अदालत ने दोनों को दुष्कर्म व अपहरण का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।