- शादी का झांसा देकर किशोरी का किया गया था शोषण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विशेष सत्र न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट प्रकाशचंद्र शुक्ला ने शादी का झांसा देकर दलित नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाले सद्दाम को आजीवन कारावास एवं मन्नान को दस वर्ष कठोर कारावास एवं एक लाख पैंतीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार नूरपुर के गांव रोशनपुर जागीर निवासी ओमप्रकाश ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव के ही सद्दाम एवं मन्नान उसकी 17 वर्षीय पुत्री पर गलत नजर रखते थे। जब घर के सब लोग बाहर चले जाते थे, तब सद्दाम पिछले एक वर्ष से उसकी पुत्री को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करता रहता था। जब ओमप्रकाश को जानकारी मिली तो इनके घर वालों से शिकायत की, लेकिन यह नहीं माने। इसके बाद 21 नवंबर 2018 को सद्दाम एवं मन्नान उसकी पुत्री को बहला फुसलाकर ले गए। जहां सद्दाम ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
24 नवंबर 2018 को उसकी पुत्री वापस आई। तब उसने सारी बात बताई। इस मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट प्रकाशचंद्र शुक्ला ने अभियुक्त सद्दाम को आजीवन कारावास एवं मन्नान को दस वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जबकि एक लाख पैंतीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा होने पर उसमें से एक लाख बीस हजार रुपये पीड़िता को दिलाए जाने के भी आदेश दिए हैं।