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Bijnor News: बिजनौर - फिर महंगी होंगी जमीनें, बढ़ेगा सर्किल रेट

Mon, 24 Jul 2023 11:36 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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बिजनौर में सर्किल रेट के संबंध में बैठक लेते एडीएम अरविंद सिंह।
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- जहां जितना विकास हुआ, उतना बढ़ेगा सर्किल रेट
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- प्रशासन ने सभी निकायों के ईओ के साथ की बैठक, जल्द होगा सर्वे

- आंकड़े
10 प्रतिशत या उससे ज्यादा बढ़ सकते हैं सर्किल रेट
20 प्रतिशत तक पिछले साल की गई थी बढ़ोतरी
01 साल में दूसरी बार सर्किल रेट बढ़ेंगे
फोटो समाचार
रजनीश त्यागी
बिजनौर। अब फिर से जिले में जमीन खरीदना महंगा हो जाएगा। जिला प्रशासन फिर से जमीनों के सर्किल रेट में संशोधन करने की तैयारी कर रहा है। जिस क्षेत्र में जितना अधिक विकास हुआ होगा, वहां के सर्किल रेट उतने ही ज्यादा बढ़ाए जाएंगे। इसके लिए शीघ्र ही जिलेभर में सर्वे कराया जाएगा। सोमवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद सिंह ने सभी नगर पालिका व नगर पंचायतों के ईओ के साथ बैठकर कर इस मामले पर चर्चा भी की है।
पिछले साल ही जिले में सर्किल रेट में संशोधन हुआ था। क्षेत्र में हुए विकास के हिसाब से अगल-अलग क्षेत्रों में 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई थी। पिछले साल सर्किल रेट में यह बदलाव पांच साल बाद हुआ था। तेजी से विकसित होती कॉलोनी और इंडस्ट्रीयल विकास को देखते हुए इस साल फिर से सर्किल रेट में संशोधन की तैयारी तेज हो गई है। सोमवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व ने सभी ईओ की बैठक बुलाई। जिसमें निर्देश दिए गए कि सभी अपने-अपने क्षेत्रों में हुए विकास का सर्वे कराएंगे। इसकी रिपोर्ट शीघ्र ही जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी।
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सर्वे रिपोर्ट आने के बाद तय किया जाएगा कि किस क्षेत्र में कितने प्रतिशत सर्किल रेट में बढ़ोतरी होगी। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद सिंह ने बताया कि शीघ्र ही सर्वे होगा। सर्वे के आधार पर ही तय होगा कि कितने प्रतिशत सर्किल रेट बढ़ाने की जरूरत है। शासन की ओर से राजस्व लक्ष्य बढ़ाया गया है। राजस्व का बड़ा हिस्सा स्टांप शुल्क से आता है। (संवाद)


हर साल संशोधन का है नियम
प्रशासन की ओर से जमीनों के सर्किल रेट तय किए जाते हैं। हर साल सर्किल रेट में संशोधन होता है। सर्किल रेट बढ़ाने के लिए सर्वे के लिए डीएम की अध्यक्षता में समिति बनाई जाती है। सर्किल रेट के अनुसार ही कृषि भूमि, मकान, दुकान आदि खरीदने वालों को स्टांप ड्यूटी लगानी पड़ती है। सर्किल रेट बढ़ने से स्टांप का खर्च भी बढ़ जाता है। आमतौर पर जमीन के सर्किल रेट और वास्तविक दाम में काफी अंतर होता है। स्टांप ड्यूटी के रूप में सरकार को राजस्व मिलता है।
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राजस्व में होगी बढ़ोतरी

सर्किल रेट बढ़ जाने के बाद मकान, दुकान या प्लॉट और खेती की जमीन खरीदना भी महंगा हो जाएगा। बैनामा कराते हुए अधिक कीमत के स्टांप लगाने होंगे। जमीन के रेट में तीस से चालीस फीसदी इजाफा होने का अनुमान है। सर्किल रेट बढ़ने से प्रशासन के राजस्व में बढ़ोतरी होगी तो वहीं कॉलोनाइजर के प्लॉट भी महंगे हो जाएंगे।
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