- बिजनौर में हाईवे के लिए बैराज मार्ग पर काटे जाने हैं 4,400 पेड़
- दो साल में फोरलेन का निर्माण हो जाएगा पूरा, सरपट दौड़ेगा ट्रैफिक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बहसूमा से बिजनौर तक हाईवे को फोरलेन में तब्दील करने की राह आसान होने लगी है। खाली मिल रही जगह पर मिट्टी डालने का काम चालू कर दिया गया है। निर्माण की जद में आ रहे पेड़ भी काटे जाने का काम भी तेजी से चल रहा है। बिजनौर की सीमा में ही 4,400 पेड़ काटे जाने हैं। दो साल में फोरलेन का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।
बिजनौर से नजीबाबाद और मेरठ से बहसूमा तक फोरलेन हाईवे बनकर तैयार हो चुका है। पहले चरण में इसका निर्माण किया गया है जबकि दूसरे चरण में बहसूमा से बिजनौर तक हाईवे को फोरलेन किया जाना है। बता दें कि हस्तिनापुर वन्य जीव अभयारण से होकर गुजरने की वजह से निर्माण में देरी हुई। अब वन मंत्रालय से एनओसी मिलने के बाद काम चालू किया गया है।
पिछले महीने राजस्व विभाग और नेशनल हाईवे के अधिकारियों की टीम ने बिजनौर बाईपास के लिए अधिग्रहीत जमीन की पैमाइश करते हुए डोलबंदी कर दी थी। साथ ही कब्जा लेने की प्रक्रिया को पूरा किया। बहसूमा से बिजनौर तक 40 किलोमीटर लंबा हाईवे फोरलेन किया जाना है।
बिजनौर में बनेगा नौ किलोमीटर लंबा बाईपास
बिजनौर तहसील की सीमा में हाईवे 14 किलोमीटर लंबाई से होकर गुजरेगा। इसी परियोजना में नौ किलोमीटर लंबाई का बिजनौर बाईपास भी प्रस्तावित है। यह बाईपास बिजनौर बैराज के माउंट लिट्रा स्कूल के पास से शुरू होकर नजीबाबाद मार्ग पर गांव पेदा के पास जाकर निकलेगा।
रोपे जाएंगे 44 हजार पौधे
बिजनौर बैराज समेत जिले में इस सड़क की जद में आ रहे 4400 पेड़ काटे जाने हैं। बिजनौर बैराज मार्ग पर पेड़ काटने का काम चालू है। एक साइड से पेड़ काटकर आगे बढ़ रहे हैं। पेड़ कट जाने के बाद निर्माण कंपनी हाईवे के निर्माण के लिए जमीन को समतल करेगी। नियमानुसार एक पेड़ को काटने की एवज में दस गुणा पौधे रोपे जाते है। इस तरह 4400 पेड़ की एवज में 44 हजार पौधे रोपे जाएंगे।
430 करोड़ की लागत से बनेगा बैराज पर पुल
फोरलेन निर्माण के साथ साथ गंगा नदी पर नया पुल बनाया जाना है। इस पुल की लंबाई ढाई किलोमीटर होगी। दरअसल, गंगा धारा के साथ तराई क्षेत्र में भी पुल होकर गुजरेगा। उधर, फोरलेन निर्माण लागत 1180 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा जमीन अधिग्रहण का मुआवजा की रकम अलग है। बता दें कि ढाई किलोमीटर की इस दूरी में गंगा नदी का पुल समेत एलिवेटेड रोड भी शामिल है।
सड़क निर्माण के लिए काम चालू कर दिया गया है। जहां जहां जगह खाली मिल रही है, वहां मिट्टी डालने का काम किया जा रहा है। बैराज पर पुल निर्माण के लिए जरुरी कामों को किया जाने लगा है। दो साल में हाईवे बनकर तैयार हो जाएगा। - उमेश मिश्रा, प्रोजेक्ट मैनेजर, निर्माण कंपनी
बैराज रोड पर जो भी पेड़ काटे जा रहे हैं, उनका दस गुना पौधे लगाए जाएंगे। हाईवे ने इसका विभाग को पैसा जमा कराया है। पौधरोपण के लिए जमीन तलाशी जा रही है। बरसात में पौधे लगवाएं जाएंगे। - ज्ञान सिंह, एसडीओ वन विभाग