फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor News: कम हो रहे उफान से खादर में बढ़ रहा जमीन का कटान

विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर/चंदक। गंगा उफनती है तो बाढ़ लेकर आती है और जलस्तर में गिरावट कटान करने लगती है। अभी तक बाढ़ झेल रहे खादर वासियों को कटान से जूझना पड़ रहा है। दरअसल कुंदनपुर के आसपास पिछले तीन दिनों में ही करीब दस मीटर तक गंगा ने कटान कर दिया है। हालांकि कटान की गति को थामने के लिए कोशिश की जा रही है। मौके पर मिट्टी भरकर कट्टे डाले जा रहे हैं, जिससे धारा के वेग में बाधा डाली जा सके।
विज्ञापन

रविवार को गंगा के जलस्तर से तेजी से गिरावट दर्ज की गई। सुबह से लेकर शाम तक ही उफान कम हुआ। क्योंकि सुबह के वक्त बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर 219.70 मीटर रहा जबकि शाम ढलने तक 219.60 हो गया। उधर शनिवार को यह 219.80 पर चल रहा था। इसके बाद रविवार की सुबह के वक्त बिजनौर बैराज से एक लाख पंद्रह हजार क्यूसेक पानी होकर गुजरा जबकि शाम को यह आंकडा 99 हजार क्यूसेक रहा।
पिछले तीन दिनों से गंगा के जलस्तर में गिरावट आ रही है, इसी के साथ कटान बढ़ गया है। क्योंकि नीचे आ चुकी धारा नीचे नीचे ही जमीन का कटान कर रही है। पिछले दिनों गलखा देवी मंदिर कटान के मुहाने पर आ गया था लेकिन वहां जियोट्यूब और अन्य साधनों का प्रयोग कर कटान रोक दिया गया।
विज्ञापन

इस मंदिर से करीब तीन किलोमीटर पीछे कुंदनपुर गांव के पास गंगा तेजी से कटान कर रही है। तीन दिनों मेें ही दस मीटर जमीन का कटान कर दिया। अब धारा गंगा की आबादी की तरफ बढ़ रही थी, जिसके चलते तुरंत ही कटान निरोधी कार्य चालू कर दिए गए हैं। रविवार को भी ग्रामीणों के संग सैकड़ों मनरेगा मजदूर कट्टे भरकर गंगा के तट पर लगाते नजर आए। ग्रामीणों का दावा है कि कई साल के बाद गंगा की धारा का रुख बदला है। पहले गंगा पार के तट के पास धारा बहा करती थी, लेकिन इस बार जिले की सीमा वाले तट से सटकर बहने लगी है।

- 80 साल पहले उजड़ गया था कुंदनपुर
करीब अस्सी साल पहले कुंदनपुर गांव गंगा के कटान की वजह से उजड़़ गया था, जिस जगह अब कुंदनपुर बसा हुआ है, वहां से करीब तीन किलोमीटर आगे अस्सी साल पहले आबादी हुआ करती थी। उस वक्त गांव काफी बड़ा था लेकिन तमाम लोग तब पलायन कर कहीं ओर जा बसे थे। बाकी इस जगह आ बसे जहां अब कुंदनपुर आबाद है। अब अगर गंगा की धारा ने रुख नहीं बदला तो फिर से कुंदनपुर पर खतरा मंडरा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें