भूमि विवाद का अब गांव में ही होगा निपटारा
धामपुर। अब कोई भी व्यक्ति प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री पोर्टल या फिर सरकार की ओर से संचालित संपूूर्ण समाधान तहसील दिवस, थाना दिवस में जमीन संबंधी प्रार्थनापत्र प्रेषित कर शिकायत नहीं कर पाएगा। अब जिलाधिकारी के आदेश पर राजस्व विभाग की ओर से गांव स्तर पर भूमि विवाद रजिस्टर को तैयार कराने का काम शुरू कर दिया गया है। जिनपर यह पंजीकृत होगा कि किस गांव में किस व्यक्ति का जमीन को लेकर विवाद है और अब तक समाधान क्यों नहीं हुआ। इस बाबत बुधवार को राजस्व विभाग के अधिकारियों ने राजस्व निरीक्षकों के साथ बैठक की और उन्हें जरूरी दिशा निर्देश दिए।
नायब तहसीलदार परमानंद श्रीवास्तव ने बताया कि अब कोई भी व्यक्ति भूमि विवाद को लेकर मनमाने तौर पर शिकायत नहीं कर पाएगा। व्यक्ति भूमि विवाद को लेकर संपूर्ण समाधान दिवस, थाना दिवस के अलावा मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री पोर्टल पर शिकायतें भेजता रहता था। सरकारी सिस्टम इन शिकायतों की आख्या देने में ही लगा रहता है, जिससे अधिकारियों को समय बर्बाद होता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। प्रत्येक गांव में राजस्व विभाग की ओर से भूमि विवाद रजिस्टर तैयार कराए जा रहे हैं। इन रजिस्टर में कई बिंदु महत्वपूर्ण है, जिन पर राजस्व विभाग काम कर रहा है। एक सप्ताह के भीतर भूमि विवाद रजिस्टरों को तैयार कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश हैं। (संवाद)
सार्वजनिक संपत्तियों को ऑनलाइन करने का काम शुरू
नायब तहसीलदार परमानंद श्रीवास्तव का कहना है कि गांव की सार्वजनिक संपत्तियों को भी अब राजस्व विभाग की ओर से सरकारी आदेश पर सरकारी डायरेक्ट्री के नाम से ऑनलाइन किया जा रहा है। किस ग्राम सभा, नगर में ग्राम समाज, चरागाह, खलियान अन्य श्रेणियों की कितनी सरकारी संपत्तियां हैं। इन सभी संपत्तियों को सरकारी डायरेक्टरी के माध्यम से ऑनलाइन करने का काम शुरू कर दिया है।
ग्राम समाज की जमीन सुरक्षित करने को पारित करा रहे प्रस्ताव
नायब तहसीलदार परमानंद श्रीवास्तव ने कहा कि देखने में आया है की अधिकांश ग्राम पंचायतों में सरकारी जमीन पर लोगों ने बड़ी संख्या में घर बना रखा है। कई दशक से लोग मकान बना रखे हैं, जिनको गिरा पाना जनहित में उचित नहीं है। यदि गिरा दिया तो लोगों को भारी नुकसान होगा। ऐसे नुकसान से बचाने के लिए संबंधित ग्राम समाज की जमीन के बदले अन्य स्थान पर ग्राम समाज की जमीन को सुरक्षित करने के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। यह प्रस्ताव स्वीकृति के लिए शासन को भेजे जाएंगे। शासन से अनुमति मिलने के बाद जरूरी कार्रवाई होगी।