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Bijnor News: गंगा पर तटबंध न होना बना मुसीबत, पांच हज़ार बीघा जमीन खाली छोड़ी

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बाढ़ का डर
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20 हज़ार क्विंटल कम होगी धान की पैदावार इस बार
किसानों की आमदनी में चार करोड़ रुपये का नुकसान

आलम फरीदी
जलीलपुर (बिजनौर)। प्रकृति और तंत्र की व्यवस्था के सामने अन्नदाता कहलाने वाले किसान लाचार हैं। बेहतर कृषि उपज के जरिए देश की अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने वाले किसानों ने बाढ़ के डर से खेत खाली छोड़ दिए हैं। इससे किसानों की आय में करीब चार करोड़ रुपये की कमी होने वाली है। साथ ही 20 हज़ार कुंतल धान की पैदावार घट जाएगी

शासन की ओर से किसानों की आय बढ़ाने के लिए समय समय पर अनेक योजनाएं आती रहती हैं। कृषि, गन्ना, सहकारिता व उद्यान आदि विभाग के कर्मचारी/अधिकारी किसानों के बीच जाकर कृषि आय बढ़ाने के गुर सिखाते रहते हैं, परंतु जलीलपुर क्षेत्र में गंगा के निकटवर्ती गांवों में रहने वाले किसानों की आय शासन की मंशा अनुरूप दोगुना होने की बजाय घट रही है।
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जलीलपुर क्षेत्र में गंगा के निकटवर्ती करीब एक दर्जन गांव के सैकड़ों किसान बीते कुछ वर्षों से प्रत्येक वर्ष बरसात के मौसम में बाढ़ की मार झेल रहे हैं। गांव मीरापुर सीकरी-अ, मीरापुर सीकरी-बी, कल्याणपुर, सलेमपुर खादर, रायपुर खादर, जलालपुर खादर, फैजीपुर खादर, नारनौर आदि के सैकड़ों किसानों ने बाढ़ के डर से करीब पांच हज़ार बीघा जमीन खाली छोड़ दी हैं। सरसों, साटा मुंजी व गन्ना आदि की फसल काटने के बाद खेत खाली पड़े हैं।
खाली खेतों में लंबी लंबी घास उगी है या पुरानी फसल की जड़ हरी होकर उग रही है। खेत खाली छोड़ने से करीब 20 हज़ार कुंतल धान की पैदावार कम होगी। साथ ही धान की खेती करने वाले किसानों की आय में करीब चार करोड़ रुपये की कमी आएगी। खेत खाली छोड़ने वाले किसान धान की खेती प्रमुखता से करते हैं। अच्छी पैदावार कर आर्थिक विकास करते रहे हैं। यहां के किसानों का विकास धान की पैदावार पर ही निर्भर है। यहां के किसान सामान्यतः एक एकड़ जमीन में 25 क्विंटल धान की पैदावार करते रहे हैं।
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गंगा पर तटबंध न होना बना मुसीबत-
हालांकि इस वर्ष बीते वर्षों की तरह गंगा का पानी खेतों में नहीं भरा है, फिर भी खेत सूखे नहीं हैं। जुलाई माह में गंगा में उफान के चलते खेतों तक पहुंचा पानी सूख नहीं पाया है। किसान निछत्तर सिंह, बलविंद्र सिंह, स्वर्ण सिंह, गुरूदेव सिंह, कावल सिंह, जोगा सिंह, सर्वजीत सिंह, जोगिंदर सिंह, परमजीत सिंह, निर्मल सिंह, जगविंद्र सिंह, गुरमीत सिंह आदि ने गंगा पर तटबंध बनवाने की मांग की। किसानों का कहना है कि जब तक गंगा पर तटबंध नहीं बनेगा तब तक खेती करना मुश्किल है। किसानों के आर्थिक नुकसान और कृषि पैदावार को ध्यान में रखते हुए गंगा पर तटबंध बनवाने की मांग की।
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