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आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर हुआ क्रांति पर्व का शुभारंभ

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आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर हुआ क्रांति पर्व का शुभारंभ
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बिजनौर। आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर आजादी के अमृत महोत्सव के तहत विकास भवन सभागार में चार दिवसीय क्रांति पर्व का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में बिजनौर के गौरवशाली क्रांतिकारी इतिहास के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम में जीआईसी प्रवक्ता सचिन भारद्वाज ने कहा कि बिजनौर अपनी विविधताओं के साथ अपना गौरवशाली इतिहास को समेटे हुए है। जिले का पुरातात्विक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, तथा भौगोलिक दृष्टि से अपना विशिष्ट स्थान है। इसके आगे उन्होंने बताया कि वैदिक, पौराणिक, शिक्षा, संस्कृति, संगीत, कला, सुंदर भवन, धार्मिक, मंदिर, मस्जिद, ऐतिहासिक दुर्ग, सांस्कृतिक कला की प्राचीन धरोहर को आदि काल से अब तक अपने आप में समेटे हुए है। साथ ही बताया कि ब्रिटिश शासन के दौरान और बाद में देश के इतिहास में उत्तर प्रदेश का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। प्रदेश ने हिंदुस्तान को आठ प्रधानमंत्री दिए हैं। उत्तर प्रदेश भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और भारतीय राजनीति का केंद्र रहा है। चंद्रशेखर आजाद, गोविंद बल्लभ पंत, मौलाना मोहम्मद अली जौहर, राम मनोहर लोहिया आदि की तरह कई महान व्यक्तित्व दिए हैं।
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वहीं जिला युवा कल्याण अधिकारी सौरभ कुमार सिंह ने बताया कि स्वतंत्रता से पूर्व भारत शासन अधिनियम 1935 के तहत 1937 में चुनाव कराए गए थे। जिसमें कांग्रेस पार्टी को यूपी में बहुमत प्राप्त हुआ। उत्तर प्रदेश में गोविंद बल्लभ पंत के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का गठन किया गया। इसी सरकार ने छह अगस्त 1938 को उत्तर प्रदेश के वर्तमान राजकीय चिह्न को अपनाया था। इसके आगे कहा कि छह अगस्त 1938 को प्रदेश का पहचान चिह्न (कोर्ट ऑफ आर्मस) का अनुमोदन किया गया था। इस अवसर पर जिला समन्वयक फरीन खान, एनसीसी सूबेदार विजेंद्र सिंह, मो. जाफर आदि मौजूद रहे।
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