- अब जिले में फिर बढ़ने लगे हैं गुलदार के हमले
- 10 दिन में गुलदार के हमले में दो की मौत
- 22 लोगों की जान 18 माह में गुलदार के हमलों में गई
- 60 से ज्यादा गुलदार पिंजरे में कैद हुए या दुर्घटना में मारे गए
- 100 से ज्यादा लोग गुलदार के हमलों में बीते एक साल में हुए घायल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में गुलदार के हमले थम नहीं रहे हैं। गुलदार के आगे वन विभाग भी लाचार नजर आ रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते 10 दिनों में गुलदार के हमलों में दो बच्चियों की जान चलीं गईं। वहीं वन विभाग के अधिकारी लोगों को अकेले जंगल नहीं जाने की सलाह दे रहे हैं।
10 दिन पहले नहटौर क्षेत्र के गांव मंडौरी गुलदार के हमले में आठ वर्षीय बच्ची की मौत हो गई थी। अब सोमवार को थाना क्षेत्र हीमपुर दीपा के गांव पिलाना निवासी 15 वर्षीय सलोनी को गुलदार ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया। वह जंगल में घास काटने गई थी।
क्षेत्रों में गुलदार लगातार दस्तक दे रहा है। पिछले 18 माह में 22 लोगों की जान गुलदार के हमलों में गई है, जबकि 100 से ज्यादा लोगों को गुलदार ने हमला कर घायल किया है। इसके अलावा बीते साल में 60 से ज्यादा गुलदार पिंजरे में कैद हुए या दुर्घटना में मारे गए।
वन विभाग ने गुलदार से बचाव को जारी की एडवाइजरी
-खुले में शौच नहीं जाने, निरंतर निगरानी करें
-नशे में होने पर घर पर रहें।
-वन्य जीवों और उनके शिकार से दूरी बनाकर रखें।
-बच्चों को अकेला न छोड़े।
-खेतों पर शोरगुल करते हुए जाएं।
-घरों के आसपास सफाई, रात में रोशनी का प्रबंध करें।
-बिना टॉर्च के रात को बाहर न जाएं।
-बाघ और तेंदुए का पगचिह्न छह इंच, लकड़बग्घा और गीदड़ का पगचिह्न 3.5 इंच का होता है।