- रोकथाम नहीं की गई तो नगीना-बढ़ापुर मार्ग को बन सकता है खतरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बढ़ापुर। क्षेत्र की खो नदी के स्थान बदलकर बहने लगी है। भूकटाव के चलते यदि समय रहते रोकथाम नहीं की गई तो नदी का पानी समीप के नगीना-बढ़ापुर मार्ग को बहा ले जाएगा। बढ़ापुर-नगीना मार्ग पर पड़ने वाली खो नदी कई वर्षों के अंतराल पर अपना स्थान बदलकर बहने लगती है।
पिछले वर्षों में खो नदी ने रास्ता बदलकर दक्षिण दिशा की ओर बहना शुरू किया था तो उस समय चमरावाला गांव के कई मकान नदी की भेंट चढ़ गए थे। उस समय नदी कटाव वाले संभावित स्थानों पर पत्थरों के मजबूत स्टड लगाकर भूकटाव रोका गया था। नदी के रास्ता बदलकर बहने से ग्राम चमरावाला के कई किसानों की सैकड़ो बीघा कृषि भूमि भी नदी में समा गई थी।
पूर्व के वर्षों में ही एक बार खो नदी उत्तर दिशा की ओर रुख बदलकर बहने लगी तो नदी के तीव्र जल प्रवाह ने बढ़ापुर-नगीना मार्ग की सड़क पर बहना शुरू कर दिया था और मार्ग का एक बड़ा भाग खो नदी के पानी में बह गया था। मार्ग अवरुद्ध होने पर बमुश्किल आसपास के खेतों में वैकल्पिक मार्ग बनाकर मार्ग पर पैदल यात्रियों का आवागमन शुरू हो पाया था। ऐसा ही हाल अब बनता नजर आ रहा है खो नदी अपना रास्ता बदलकर उत्तर दक्षिण दिशा में अब बढ़ापुर-नगीना मार्ग से मात्र करीब 15-20 फीट की दूरी पर बह रही है।
माना जाता है कि नदी का जलस्तर बढ़ने पर नदी का रुख नगीना-बढ़ापुर मार्ग की ओर होने से यह सड़क नदी के तीव्र जल प्रवाह की चपेट में आकर बह सकती है। खो नदी का पानी पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली वर्षा पर निर्भर है। पर्वतीय क्षेत्रों में भीषण वर्षा होने पर यह खो नदी जल स्तर बढ़ने पर अपना आपा खो देती है। यदि प्रशासन व लोनिवि ने समय रहते भूकटाव वाले स्थान पर स्टड आदि लगाकर पानी की रोकथाम नहीं की तो खो नदी का पानी बढ़ापुर-नगीना मार्ग के इस हिस्से को अपने साथ बहा ले जाएगा।