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खिल गए गुल यू चमन के लिए..

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‘खिल गए गुल यूं चमन के लिए...’
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नजीबाबाद। साहित्यिक संस्था मेरी कलम की ओर से आयेेजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ संस्था की अध्यक्ष डा. मंजु जौहरी, मुख्य अतिथि ममता खरे, मधु प्रसाद ने किया। गोष्ठी में कवि मधु प्रसाद ने तेरा मेरा करते करते संध्या आई.., ममता खरे ने थाम राहें जिंदगी चलना सिखाती है.., डा. मंजु जौहरी ने हम चल रहे हैं साथ में उजालों के वास्ते, लाओ कहीं से आग तुम मशालों के वास्ते.., प्रतिभा पुरोहित ने तुम तोड़ो अपनी सीमाएं मैं बैठी इस पार अभी.., हरिनाथ शुक्ला हरि ने मां को मां कहाओ चांद को मामा.., डा. सारंगा देश असीम ने जीवन के घेरे में हमने, पीड़ा को जाकर चूमा.., सुमन वर्मा ने खिल गए गुल यू चमन के लिए, मंदिरों में झुके सर नमन के लिए.., कविता नाम देव ने हमारी भावनाओं एहसासों का साज है हिंदी.., कृष्ण कुमार पाठक ने नर जीवन में धर्म क है इतना सा सार.., ऊषा श्रीवास्तव ने दशरथ के आंगन जन्म हुआ है, रामलला मुस्काय रहे हैं, नारायण धरती पे हैं आए, लीला पे लीला दिखाय रहे हैं.., राज कुमार राज ने लिखलो हिंदी पढ़लो हिंदी, बोलो हिंदी प्यारी है, हिंदी भाषा नहीं है केवल, ये पहचान हमारी है.., आदि रचनाएं प्रस्तुत की।
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