बिजनौर। सरकार सख्त हुई तो शहर से नूरपुर मार्ग की ओर जाने वाली सड़क को गड्ढा मुक्त करने के लिए पैचवर्क किया गया। करीब एक सप्ताह गड्ढा मुक्त रहने के बाद अब यह सड़क फिर से गड्ढा युक्त हो गई। तीन दिनों की बारिश में सड़क पर लगाए गए पैबंद फिर से खोल कर गड्ढे बना दिए।
शहर में जानी के चौराहे से लेकर रामलीला ग्राउंड तक सड़क में गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं। दशहरा की वजह से इन गड्ढों को आठ दिन पहले भरा गया था। जिससे वाहनों और राहगीरों को कुछ राहत मिली थी। मगर रविवार को हुई बारिश में फिर से गहरे गड्ढे हो गए। जिससे पता चल रहा है कि सड़क के गड्ढे भरने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हुई है। गड्ढों से निकलकर बजरी सड़क पर फैल गई हैं और गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिसमें से भारी वाहनों के भी पलटने का खतरा बना हुआ है।
कोतवाली शहर के आसपास भी सड़क बदहाल
शहर में शक्ति चौराहे से लेकर कोतवाली शहर के आसपास तक भी गहरे-गहरे गड्ढे हैं। इसके अलावा कहीं-कहीं काफी दूर तक पूरी सड़क ही टूटी पड़ी है। पूरी सड़क बदहाल हो गई है। वहीं अब बारिश के बाद गड्ढों की चौड़ाई बढ़ गई है। पीडब्लूडी विभाग सड़क की मरम्मत का काम सही ढंग से नहीं करा रहा है।
गहरे गड्ढों से हो रही परेशानी: रोहित कुमार
रोहित कुमार ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले ही सड़क के गड्ढे भरे गए थे। मगर बारिश के बाद फिर से गहरे गड्ढे साफ दिखाई दे रहे हैं। इनसे राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है। पहले और अब के गड्ढों में कुछ अंतर नहीं है।
गड्ढों की वजह से वाहन गिरने का खतरा: फरहान अहमद
फरहान अहमद का कहना है कि सड़क के गड्ढे भरने के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। एक बारिश में सभी गड्ढों की बजरी निकल गई है। जिसमें वाहनों के गिरने का खतरा बना रहता है। इन गड्ढों को जल्दी से भरवाया जाए।
सड़क की मरम्मत कराए विभाग: मुकेश कुमार
मुकेश कुमार ने कहा कि गड्ढों की बजरी सड़क पर आ गई हैं। जिन पर कई बार बाइक फिसल गई हैं। गड्ढे भरने का कोई लाभ नहीं मिला। फिर से पहले जैसी ही हालत हो गई है। विभाग सड़क की मरम्मत कराए।
गड्ढों की वजह से लग जाता है जाम: जसराम सिंह
जसराम सिंह ने बताया कि जानी के चौराहे से रामलीला ग्राउंड तक सड़क की हालत खराब है। सड़क के गड्ढों में वाहन हिचकोले ले रहे हैं। सड़क के भरे गड्ढे एक बारिश भी झेल पाए। गड्ढों की वजह से कभी-कभी जाम के हालात तक बन जाते हैं।
वर्जन::
सड़क पर पानी भरने से गड्ढे हुए हैं। जिन्हें मौसम साफ होते ही भरवा दिया जाएगा।.....दिपांकर चौधरी, एई