-परिषदीय स्कूलों की शिक्षा में बढ़ रहा तकनीक का प्रयोग
- 650 विद्यालयों में जनसमुदाय से बनीं स्मार्ट क्लास
-264 उच्च प्राथमिक, कंपोजिट, केजीबीवी की क्लास स्मार्ट
-2021 जिले में परिषदीय, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूल
ब्रजवीर चौधरी
बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में कक्षाएं स्मार्ट हो गई हैं। तकनीक के साथ कदमताल होकर शिक्षक स्कूलों में छात्रों को पढ़ा रहे हैं। कक्षाओं में शिक्षक-शिक्षिकाओं की उंगली अब स्मार्ट बोर्ड पर चल रही हैं। वहीं परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की पढ़ाई के लिए कंप्यूटर लैब, साइंस लैब, खेल कूद के मैदान विकसित हुए हैं। शिक्षक भी स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर और विभिन्न एप्स के जरिए छात्र-छात्राओं को पढ़ाकर होशियार बना रहे हैं।
-स्कूल के पार्क को ही बना दिया गणित पार्क
समग्र विद्यालय सकतलपुर मिलक की इंचार्ज अध्यापिका श्वेता रानी ने स्कूल के पार्क को ही गणित पार्क बना दिया। उन्होंने गणित शिक्षकों को नई दिशा दी। उनके मैथ पार्क में छात्र स्वयं गणित की विभिन्न आकृतियों का परिमाप क्षेत्रफल व नियमों को प्रयोग करके देख सकते हैं। शतरंज प्रतियोगिता में छात्र राज्य स्तर के लिए क्वालीफाई हुए। स्टाफ का सहयोग रहा।
-परिषदीय छात्रों ने पास की राष्ट्रीय स्तर की छात्रवृत्ति परीक्षा
विद्यालय चांदानंगली शिक्षक शाहदिल नईम ने बताया कि उनके स्कूल के एक, दो नहीं वरन 23 छात्र एक साथ राष्ट्रीय स्तर की छात्रवृत्ति परीक्षा पास कर चुकें है। प्रदेश में दूसरे स्थान पर संख्या रही, यह जिले में इतिहास बना है। सभी के सहयोग से उन्होंने स्कूल में उत्कृष्ट शैक्षिक माहौल बना रखा है।
-खेल, योग, लोकगीत, विज्ञान में छात्र होशियार
कंपोजिट विद्यालय नंगली छोईया शिक्षिका रचना कपूर ने छात्रों को सांस्कृतिक खेल, योग, लोकगीत, विज्ञान हर क्षेत्र में अग्रिम बना रखा है। मुख्यमंत्री स्तर तक के कार्यक्रमों में इनके स्कूल के छात्रों ने कार्यक्रम प्रस्तुत किए। अभी हाल ही में इन्हें दुष्यंत रत्न पुरस्कार से नवाजा गया है।
-मेहन दिखा रही रंग
शिक्षक स्कूलों में नवाचार, तकनीकी के माध्यम से शिक्षा का माहौल बना रहे हैं। अधिकांश स्कूलों में तकनीक के साथ कक्षाएं संचालित हैं।
-योगेंद्र कुमार, बीएसए
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