- बज़्म-ए-जिगर की ओर से कवि सम्मेलन मुशायरे का आयोजन
फोटो - 12एनजेडबी05आर
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद। बज़्म-ए-जिगर की ओर से नवाबपुरा में एक शाम भाई चारे के नाम, कवि सम्मेलन मुशायरे का आयोजन किया गया। रचनाकारों ने देशप्रेम, आपसी सौहार्द, भाईचारे पर कलाम पेश किए।
शादाब जफर के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यअतिथि पूर्व चेयरमैन मौअज़्जम खां एड. ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से देश की एकता, अखंडता और सौहार्द को मजबूती मिलती है। उन्होंने पारा पारा हुआ पैराहन ए जां.., डॉ. रईस भारती ने यौम-ए-भाईचारा मनाने आए हैं, एक हैं हम ये दिखाने आए हैं.., मौसूफ वासिफ ने तमाम उम्र की गैरत का सिलसिला न गया, वो चाहता था बहुत मुझ से कुछ कहा ना गया... कलाम पेश कर वाहवाही ली। जितेंद्र कक्कड़ ने आला भी तू, अव्वल भी तू, हर नूर में जज्बा तू ही तू..., डॉ. बेगराज यादव ने चाहत की प्यास रख, मंजिल की आस रख..., अकरम जलालाबादी ने जो इंसा अपनी मनमानी पे आया, यकीनन वो परेशानी में आया.., नीरज सिंहल ने ना कोई हिन्दू होता है ना कोई मुसलमान होता है, करे जो एक दूसरे की इज्जत वो इंसान होता है.. कलाम पेश किया।
शादाब जफर शादाब के संचालन और डॉ. रईस भारती की अध्यक्षता में आयोजित कवि सम्मेलन व मुशायरे में अजय जौहरी, साजिद खान, रिजवान अहमद, नौशाद अहमद ने कलाम पेश किए। इस मौके पर अनीस सलमानी, अल्ताफ रजा़, डॉ. वसीम बारी, कसीम अहमद एड., नफीस सैफी, नसीम उस्मानी, आकिफ खान, अनुज जौहरी, कामरान नजमी आदि मौजूद रहे।