- नजफ-ए-हिंद की चार रोजा सालाना मजलिसाें का आगाज
- विद्वानों ने इंसानियत को जिंदगी का मकसद बनाने का दिया पैगाम
फोटो-25एनजेडबी01ए, 01बी, 01सी, 01डी
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद (बिजनौर)। जोगीरम्पुरी दरगाह परिसर में या अली, मौला अली की सदाएं गूंजने के साथ चार रोजा सालाना मजलिसों का सिलसिला शुरू हुआ। उधर, नजराना-ए-अकीदत पेश कर मन्नत मांगने के लिए हजारों जायरीनों ने दरगाह की जियारत शुरू की। विद्वानों ने इंसानियत को जिंदगी का मकसद बनाने का पैगाम दिया।
नजफ-ए-हिंद जोगीरम्पुरी दरगाह की चार रोजा सालाना मजलिसों का आगाज शमसुल हसन हॉल में आयोजित मजलिस के साथ शुरू हुआ। दिनभर मातमी मजलिसों का दौर जारी रहा। शिया विद्वानों ने मौला-ए-कायनात की जिंदगी के हवाले से कई पैगाम दिए। इल्म से जिंदगी को संवारने, इंसानियत को जिंदगी का मकसद बनाने, दीन और ईमान के साथ कुरान के पैगाम से जिंदगी संवारने की सलाह दी। मौलाना सैय्यद सरताज हैदर ने कहा कि मौला अली ने रसूल के हर पैगाम को उम्मत तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि समाज के हालात को सुधारने के लिए बुराईयों से दूर रहकर मौला-ए-कायनात की जिंदगी से सबक लेना होगा।
लखनऊ से आए मौलाना शेख मो. अली और मौलाना अख्तर हुसैन ने इस्लाम के हवाले से कई पैगाम दिए। शिया विद्वानों ने कहा कि मौला अली और उनके जांबाज साथियों ने कर्बला की जंग की जरिए इस्लाम और इंसानियत को जिंदा रखा। उन्होंने वाकयाते कर्बला से सबक लेने की सलाह दी। नसीमुल बाकरी के संचालन में आयोजित मातमी मजलिसों को मौलाना रजा हैदर अमरोहवी, मौलाना मुदस्सिर अब्बास सहित अनेक शिया विद्वानों ने खिताब करते हुए वाकयाते कर्बला का जिक्र किया तो जायरीन सीनाजनी और जार-जार रोने पर मजबूर हुए।
दरगाह कमेटी के अध्यक्ष इरम अली जैदी, सचिव मो. अब्बास, संयुक्त सचिव मौलाना कसीम अब्बास, वकार आब्दी, इसरार जैदी, शबी हैदर, साबिर रजा, डॉ. गुलशन बिजनौरी ने मजलिस आयोजन की व्यवस्थाएं देखीं। एसडीएम विजय वर्धन तोमर, सीओ गजेंद्र पाल सिंह, सीओ नगीना संग्राम सिंह ने दरगाह परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
अंजुमनाें ने सजाए मंजर
जोगीरम्पुरी दरगाह की सालाना मजलिसों में आई अनेक अंजुमनों ने वाकयाते कर्बला और इमाम हुसैन की जिंदगी से जुड़े मंजर सजाए हैं। अंजुमन यादगारे हुसैनी नौगांवा सादात ने कयामे हुसैनी मंजर, अंजुमन-ए-हैदरी नौगांवा सादात ने मंजरे जिंदा-ए-शाम मंजर सजाया है। अंजुमन वकाए हुसैनी कोतवाली सादात, अंजुमन सोगवारे हुसैनी सहित कई अंजुमनों की ओर से शबील आदि के जरिए जायरीनों की खिदमत की जा रही है। स्वास्थ्य शिविर और पेयजल शिविर भी लगाए गए हैं।
ई-रिक्शा चालकों ने मनमाना किराया वसूला
दरगाह की जियारत के लिए आने वाले जायरीनों के लिए नजीबाबाद डिपो की ओर से रोडवेज बसों की व्यवस्था की गई। एआरएम राजेश कुमार, स्टेशन प्रभारी अरूज मेहंदी के नेतृत्व में प्रात: से ही जायरीनों के लिए रोडवेज बस सेवा शुरू कराई गई। उधर, ई-रिक्शा चालकों ने स्टेशन से दरगाह तक जायरीनों को पहुंचाने के लिए प्रति फेरा 200 से 300 रुपये तक वसूला।