संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट पारुल जैन ने एक नाबालिग लड़की के अपहरण व दुष्कर्म में दोषी पाते हुए जसवंत उर्फ डीके को 10 वर्ष के कारावास व 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से 32500 रुपये पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए हैं। इसके साथ एक लाख रुपये की धनराशि पीड़िता को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से दिए जाने की संस्तुति की है।
शासकीय अधिवक्ता भालेंद्र सिंह राठौर के अनुसार नजीबाबाद क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री 23 जनवरी 2020 की रात्रि में बिना बताए कही चली गई है। 22 मार्च 2020 को उसने पुलिस को जानकारी दी कि उसकी पुत्री को नजीबाबाद निवासी जसवंत उर्फ डीके बहला-फुसलाकर ले गया है। इस मामले में पुलिस ने अपरहत की गई नाबालिग लड़की को बरामद किया था। पीड़िता ने उसके अपहरण और बिना मर्जी के उससे विवाह करने एवं दुष्कर्म की बात कही थी। पुलिस ने नाबालिग लड़की के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत ने जसवंत उर्फ डीके को पीड़िता के अपहरण व उसके साथ दुष्कर्म करने का दोषी पाते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई है।