बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निजेंद्र कुमार ने दहेज हत्या में मिथ्या साक्ष्य देने पर जगराम को एक माह के कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता अजीत पंवार के अनुसार थाना हीमपुर दीपा के गांव ढेली गुर्जर निवासी जगराम ने अपनी पुत्री पूनम की दहेज के लिए हुई हत्या की रिपोर्ट उसके पति और परिजनों के विरुद्ध दर्ज कराई थी। कोर्ट में अपने बयान में उन्होंने कहा कि वह शादी में दिए गए दान दहेज से पूनम का पति ज्ञानेंद्र व उसके परिवार वाले खुश थे। उन्होंने कभी अतिरिक्त दहेज की मांग नहीं की। पुत्री पूनम ने दहेज मांगी जाने की शिकायत उससे कभी नहीं की। खाना बनाते समय कपड़े में आग लग जाने से पूनम की जलकर मौत हो गई थी। कोर्ट ने इस मामले में कहा कि जगराम को कोर्ट में जानबूझकर मिथ्या साक्ष्य दिया है। कोर्ट ने इस मामले में उसे दोषी पाते हुए सजा सुनाई।