- देहरादून सहित अन्य केंद्र
- बाघिन को वन विभाग ने अप्रैल महीने में घायल अवस्था में किया था रेस्क्यू
- एक बाघ और बाघिन की पहले हो चुकी है मौत, शासन से जांच अधिकारी नियुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़ (बिजनौर)। कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क में एक बाघिन के शिकारियों के जाल में फंसने के मामले की जांच अब शासन स्तर से शुरू हो गई है। जांच के आदेश होते ही कार्बेट टाइगर रिजर्व के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क की कालागढ़ रेंज के वनों में एक बाघिन को वन विभाग ने अप्रैल के महीने में उपचार के लिए ढेला के रेस्क्यू सेंटर में ले जाने के मामले में शासन ने जांच शुरू कर दी है। उच्च अधिकारियों ने कार्बेट पार्क प्रशासन से जांच संबंधी जानकारी तलब की है। प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव समीर सिन्हा ने जांच के आदेशों की पुष्टि की। कहा कि अब जांच शुरू हो गई है। जांच अधिकारी नियुक्त हो चुके हैं। जांच के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकेगा।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में एक बाघिन को दो साल से वन विभाग शरीर में फंसे एक तार के साथ देख रहा था। अब उसका उपचार किया जा रहा है। उसकी सर्जरी आदि किए जाने की तैयारी है। इस मामले को वन विभाग के उच्च अधिकारियों व सरकार ने गंभीरता से लिया है।