स्वयं सहायता समूहों की पड़ताल शुरू
बिजनौर। प्रशासन हल्दौर ब्लॉक में एनआरएलएम में कथित लाखों का घोटाला सामने आने पर सतर्क हो गया है। ब्लॉक के समूहों की जांच शुरू हो गई है। सीडीओ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास संस्थान के परियोजना निदेशक अर्थात पीडी ज्ञानेश्वर तिवारी ने मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक के समूहों की महिलाओं से पूछताछ की।
सीडीओ पूर्ण बोरा के निर्देश पर हल्दौर ब्लॉक के स्वयं सहायता समूहों की जांच कराई गई थी। जांच में करीब छह लाख का कथित घोटाला पकड़ा गया था। जिस पर एनआरएलएम के दो ब्लॉक मिशन मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। साथ ही दोनों की सेवा समाप्त करने के लिए शासन को संस्तुति की गई है। प्रशासन हल्दौर ब्लॉक का कथित घोटाला सामने आने पर ब्लॉक के समूहों की पड़ताल में जुट गया है। बुधवार को पीडी ज्ञानेश्वर तिवारी ने मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक की 25 समूहों की महिलाओं को अपने कार्यालय में बुलाया। सभी से मिलने वाले पारिश्रमिक की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि अप्रैल से उन्हें पारिश्रमिक नहीं मिला है। परियोजना निदेशक ने महिलाओं से कहा कि किसी अधिकारी या कर्मचारी को पैसा नहीं दें। यदि कोई पैसा मांगता है तो तुरंत उन्हें या सहायक विकास अधिकारी सत्येंद्र सिंह को बताएं।
ऐसे हुआ घोटाला
सीडीओ पूर्ण बोरा ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का पारिश्रमिक शासन से ऑनलाइन सीधे उनके खातों में जाता है। प्रशासन को महिलाओं से लगातार पैसे वसूलने की शिकायत मिल रही है। आरोप है कि कर्मचारी समूह की महिलाओं को नौकरी से निकालने की धमकी देकर खातों से पैसा निकलवा लेते हैं। मामलों की विस्तृत जांच कराई जा रही है।