बिजनौर में बारिश में भीगते बाइक सवार।
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बिजनौर में दिनभर चली पूर्वा हवा तथा दोपहर बाद हुई बूंदाबांदी से मौसम का मिजाज बदल गया। फिर से कड़ाके की ठंड शुरू हो गई। बारिश को गेहूं की फसल के लिए संजीवनी के रूप में देखा जा रहा है। आसमान में छाए बादलों से और भी बारिश होने का अनुमान है।
मंगलवार को सुबह से ही पूर्वा हवा के चलने से मौसम बदलने का अनुमान लगाया जा रहा था। दोपहर करीब 12 बजे हवा तेज हो गई तथा देखते ही देखते आसमान में बादल छाने लगे। दोपहर के समय में कयास लगाए जा रहे थे की देर रात तक बारिश हो सकती है। दोपहर में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया। पिछले दो दिनों से मौसम साफ था तथा अच्छी धूप निकलने से लोगों ने ठंड से राहत की सांस ली थी। करीब तीन बजे से हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। बारिश को गेहूं की फसल के लिए अच्छा माना जा रहा है। स्वाहेड़ी के किसान रजनीश आर्य महल वाले व मुकेश सिंह नेता का कहना है कि इस बार अभी तक बारिश नहीं हुई थी। गेहूं की फसल प्रभावित हो रही थी। अब बारिश होने से किसानों को राहत मिली है, जबकि किसान रवींद्र प्रताप सिंह, नरेंद्र सिंह व संजीव चौधरी का कहना है कि अभी और बारिश हो तो ज्यादा अच्छा होगा। फसल को एक बारिश की जरूरत है।
चंदक। मंगलवार की दोपहर से हो रही रिमझिम बारिश से किसान काफी खुश हैं। मौसम के बिगडते मिजाज से सर्द हवाएं कोहरा व पिछले एक सप्ताह से पड़ रहे पाले से सभी परेशान थे । तीन दिनों से हवा के अदलने बदलने व दिन का तापमान बढ़ने से बारिश के आसार बन रहे थे। मंगलवार की दोपहर अचानक हवाओं के रुख बदलने से बादल होने के कुछ समय पश्चात बारिश होनी शुरू हो गई । यह बारिश गेहूं की अगेती व पछेती फसल, गन्ने, सरसों के लिए वरदान साबित होगी । सेवानिवृत्त भूगोल अध्यापक भोपाल सिंह का कहना है कि पिछले सप्ताह में हवाओं के रुख बदलने व दिन के तापमान में बढ़ोतरी होना बारिश के संकेत है। उसी के कारण बारिश हो रही है। फसलों के लिए यह बारिश रामबाण साबित होगी। उधर, नीदडू में क्षेत्र में दोपहर के समय हुई बारिश से लोग गर्म कपड़ों में लिपट गए।
पाले से मिलेगा छुटकारा
बिजनौर। मंगलवार को बारिश होने से किसान खुश हैं। किसानों का कहना है कि बारिश से फसल को तो फायदा होगा। पिछले कई दिनों से पड़ रहे पाले का फसल प्रभावित हो रही थी। बारिश होने से अब पाले से भी छुटकारा मिलेगा। पाले का फसलों पर हो रहा असर खत्म हो जाएगा।
सरसों व आलू की फसल को नुकसान पहुंचेगा
नगीना। मौसम का मिजाज बदलने के साथ क्षेत्र में हुई तेज बूंदाबांदी से ठंडक बढ़ गई है। किसानों को वर्षा से खड़ी गेहूं व गन्ने की फसल को लाभ पहुंचेगा। वहीं खेतों में खड़ी सरसों व आलू की फसल को नुकसान पहुंचेगा। इधर किसानों का कहना है कि 15 फरवरी से गन्ने की बुआई शुरू हो जाती है। वर्षा होने से खाली पड़े खेतों को पलेबा लगाने के बाद समय से गन्ने की बुआई शुरू हो जाएगी, यदि वर्षा अधिक हुई तो बुआई समय से नहीं हो सकेगी। क्षेत्र के किसानों संजीव चौधरी, धर्मेन्द्र चौधरी, मनोज देशवाल, मोहर देशवाल, राजकुमार सिंह, अनिल कुमार, ठाकुमर महिपाल सिंह का कहना है कि यदि वर्षा तेज हवा के साथ होती है तो सरसों व आलू की फसल बुरी तरह प्रभावित होगी। उनका यह भी मानना है कि इस वर्षा का सबसे अधिक लाभ असिंचित क्षेत्रों में खड़ी गन्ने व गेहूं की फसल को सिंचाई का भरपूर लाभ मिलेगा। कृषि अनुसंधान मौसम वेधशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा के मुताबिक यदि वर्ष 2018 की पहली वर्षा है, मौसम में बराबर परिवर्तन होने की संभावनाएं हैं। मंगलवार की दुपहर के बाद तेज हवा के साथ मौसम बदला है।अनुज, नगीना।