नजीबाबाद। गजब कॉलोनी में कांग्रेस कार्यकर्ता इमरान सैफी के आवास पर शायर बशीर की याद में शेरी महफिल का आयोजन किया गया। इसका आगाज डॉ. इलियास अंसारी की नात-ए-पाक से हुआ। मुख्यअतिथि यामीन सैफी ने कहा कि उर्दू अदब को जिंदा रखने के लिए महफिलों का आयोजन जरूरी है। शायर वाहिद जमाल ने अब अपने हाथ में हिंदुस्तान है कि जिन्हें, मजा लहू में नहाने के बाद आता है.., डॉ.आफताब नोमानी ने रोज चेहरे बदलने की धुन में, लोग खुद बे नकाब होते हैं.., आदि कलाम पेश किए। इसके अलावा कारी शाकिर रिजवी, नसीम अहमद, बहार आलम, डॉ. नसीम अख्तर, हाफिज शादाब मुल्तानी, शहबाज अख्तर, हाजी रिजवान ने कलाम पेश किए। इस अवसर पर हाजी इरफान अहमद, मास्टर तनवीर अहमद, नवाब वारसी, मतलूब हसन जैदी, सूफियान मुल्तानी, मो. फैसल, नईम सिद्दीक़ी आदि मौजूद रहे।