- पांच लाख रुपये फिरौती चाहते थे अपहरणकर्ता, कबाड़ी बाजार से खरीदी थी कार
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/नजीबाबाद। ईंट भट्ठा स्वामी अपहरण कांड में चचेरा भाई ही मुख्य साजिशकर्ता निकला। आर्थिक तंगी से जूझ रहे चचेरे भाई ने पांच लाख की फिरौती वसूलने की मंशा में अपने साथियों के साथ मिलकर भट्ठा स्वामी का अपहरण किया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
रविवार को एएसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने प्रेस वार्ता कर अपहरण कांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि नांगल-चंदक मार्ग पर गांव कामराजपुर स्थित ईंट भट्ठा मालिक सौरभ अग्रवाल का शनिवार को चार बदमाशों ने हथियारों के बल पर अपहरण कर लिया। भट्ठा मालिक के भाई अनुज कुमार की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर अपहरणकर्ताओं की तलाश शुरू की। सीओ गजेंद्र पाल सिंह, थानाध्यक्ष श्यामवीर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चंदक से भागूवाला जाने वाले मार्ग पर बदमाशों की कार का सराय आलम पुलिया के निकट पीछा किया।
बदमाशों ने घिरता देख फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भागने की कोशिश कर रहे बदमाशों की कार को पकड़ लिया। कार में नजीबाबाद के मोहल्ला मजीदगंज निवासी भट्ठा स्वामी सौरभ अग्रवाल के हाथ-पैर रस्सियों से बंधे थे। पुलिस ने भट्ठा स्वामी को सौरभ अग्रवाल को सकुशल बरामद कर किया और भट्ठा स्वामी का चचेरा भाई नजीबाबाद के मोहल्ला कल्लूगंज निवासी कपिल अग्रवाल, रायपुर रोड स्थित नई बस्ती निवासी विशाल तोमर, जाब्तागंज निवासी सलीम, नांगलसोती के मोहल्ला बड़थला निवासी भोले को गिरफ्तार किया है। अपहरणकर्ताओं के पास से 315 बोर के तीन तमंचे, तीन खोखा, तीन कारतूस, दो छुरी, एक रस्सी, एक बाइक और कार बरामद मिली।
10 साल का कारावास काट चुका है कपिल
अपरहण कांड का मुख्य साजिशकर्ता भट्ठा स्वामी का चचेरा भाई कपिल है। जो दहेज हत्या में 10 वर्ष के कारावास की सजा काट चुका है। आर्थिक स्थिति खराब होने और कर्ज में डूबा होने पर कपिल ने अपने तहेरे भाई सौरभ अग्रवाल का अपहरण करके पांच लाख रुपये फिरौती लेने की योजना बनाई थी। अपहरण के लिए कपिल ने कबाड़ी बाजार से 28 हजार रुपये में मारुति कार खरीदी। पुलिस के अनुसार कपिल ने सलीम को 10 हजार रुपये और भट्ठा स्वामी के कार का नंबर व्हाट्सएप पर किया था। फिरौती की रकम मिलने के बाद कपिल ने अन्य तीनों लोगों को एक लाख रुपये देने का वादा भी किया था।