पैजनिया। रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे...यह नारा राम सेवकों की जुबान पर था। रामधुन में डूबे कार सेवक साल 1990 में अयोध्या कूच कर गए थे। जिनमें पैजनिया के भी आधा दर्जन लोग शामिल रहे। जिन्हें विवादित ढांचा के पास ही पुलिस ने लाठियां बरसाकर गिरफ्तार कर लिया था। कई दिन जेल में रहना पड़ा।
पैजनिया निवासी 65 वर्षीय पुष्पराज त्यागी बताते है कि वर्तमान में श्री कृष्ण जन्म भूमि न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पांडेय एवं विधायक इंद्रदेव सिंह के नेतृत्व में ग्राम पैजनिया निवासी विनोद कुमार त्यागी, कल्याण सिंह एवं सरदार सेढ़ सिंह (जिनकी अब मृत्यु हो चुकी है), बेगराज सिंह, रामपाल सिंह व सतीश त्यागी भी कारसेवा के लिए अयोध्या पहुंचे थे। पुष्पराज त्यागी बताते हैं कि जब पुलिस ने लाठी चार्ज किया तब वो बाबरी ढांचे से कुछ ही दूरी पर थे। उन्हें व उनके साथियों को पुलिस ने घेरकर लाठिया बरसाईं। कुछ देर बाद ही वहां गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजने लगी और चीख पुकार मच गई। उनकी पूरी टोली को पुलिस ने गिरफ्तार कर अस्थायी जेल में बंद कर दिया। वे सात दिन अयोध्या में बनाई अस्थायी जेल में रहे। बाद में उन्हें बिजनौर जेल में शिफ्ट कर दिया गया। मृतक विनोद कुमार के पुत्र नकुल, बेगराज सिंह, रामपाल सिंह एवम सतीश त्यागी का कहना है की वर्षो की तपस्या के बाद उनका सपना साकार होने जा रहा है। वो सब निमंत्रण के इंतजार में है। यदि निमंत्रण मिलेगा तो वो प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने अयोध्या जरूर जाएंगे। यदि नहीं भी मिलेगा तो भी 22 जनवरी के बाद वे सब रामलला के दर्शन करने जरूर जाएंगे।