- उन्नत गन्ना बीज उत्पादन कार्यक्रम की जनपद में की शुरूआत
- प्रत्येक गन्ना विकास परिषद में करीब 22 समूहों का किया चयन
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ब्रजवीर चौधरी
बिजनौर। महिला सहायता समूह के सहारे जनपद में उन्नत गन्ना बीज बदलाव किया जाएगा। गन्ना विभाग ने बसंतकालीन गन्ना बुवाई से इस मुहिम को शुरू कर दिया है। इसके लिए एक गन्ना विकास परिषद में 22 से 23 महिला समूहों का चयन किया गया है। समूहों की महिलाओं ने बीमार गन्ना प्रजाति को छोड़कर चयनित नई एवं उन्नत बीजों में से ही गन्ने को उपचारित कर निरोगी सिंगल बड और चिप विधि से गन्ना पौध तैयार करनी शुरू कर दी है।
उन्नत गन्ना बीज उत्पादन कार्यक्रम के तहत जनपद में नई उन्नत बीजों का जनपद में क्षेत्रफल बढ़ाया जाएगा। गन्ना विभाग के अफसरों के अनुसार जनपद में 0238 गन्ना रोग ग्रस्त होने पर अन्य उन्नत बीज को बढ़ावा देना होगा। इसके शासन व गन्ना आयुक्त ने इस मुहिम को चलाया है। इस कार्यक्रम के तहत जनपद में प्रत्येक गन्ना विकास परिषद में 22 एवं 23 समूहों का चयन किया जा रहा है। महिला समूह चयनित उन्नत बीज 14201, 13235, 0118 आदि प्रजातियों से सिंगल बड विधि व चिप विधि से पौधों की नर्सरी तैयार करनी शुरू करा दी है। क्योंकि यह कार्यक्रम बसंतकालीन गन्ना बुवाई से शुरू कर दिया है। इसलिए समूहों को योजना के तहत चयनित कर गन्ना पौधे तैयार करानी शुरू कर दी है।
उन्नत बीज का बढ़ेगा क्षेत्रफल, समूहों की बढ़ेगी आय
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक नगीना अविनाश तिवारी ने बताया कि 0238 गन्ना प्रजाति बीमार हो गई है। यह प्रजाति जनपद में सबसे अधिक है। बीमार होने पर उनके बराबर की उन्नत प्रजातियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसलिए ये कार्यक्रम के तहत नई प्रजातियों का बीज तैयार कराया जा रहा है। इसमें सिंगल बड से पौध तैयार करने पर 1.30 - 1.30 पैसे प्रति पौध विभाग और किसान दोनों समूहों को देंगे।
इन नई प्रजातियों से तैयार हो रहा उन्नत बीज
जनपद में नई एवं उन्नत गन्ना प्रजातियों में जैसे 14201, 13235, 0118, 98014, 8272 आदि का महिला समूहों द्वारा उपचार करके गन्ना पौध तैयार की जा रही है। सितंबर माह में बसंतकालीन गन्ने की बुवाई होती है। गन्ना विभाग के पर्यवेक्षक, अधिकारी, महिला सहायता समूह की सदस्य व चीनी मिलों के कर्मचारी गांवों में जाकर किसानों को नई गन्ना प्रजातियों की बुवाई करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। साथ ही लाभ हानि के बारे में समझा रहे हैं।