- नगरों में चल रहा डोर टू डोर सर्वेक्षण का कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। यदि सब कुछ योजना के तहत हुआ, तो शहरों में कोई बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। निरक्षर छात्र-छात्राओं को चिह्नित कर उन्हें सरकारी स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा। ताकि यह छात्र भी शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य संवार सकें। इसके लिए शिक्षा विभाग ने कई टीमें बनाई हैं, जो डोर टू डोर सर्वे कर रही हैं।
स्कूल चलो अभियान के तहत आउट ऑफ स्कूल बच्चों का चिह्नित करने एवं नामांकन का कार्य चल रहा है। इस अभियान में स्पेशल एजूकेटर्स व शिक्षकों को लगा रखा है। टीम डोर टू डोर सर्वेक्षण कर परिवार के सदस्यों का विवरण रजिस्टर तैयार कर रही है। डोर-टू-डोर के लिए शिक्षकों को नोडल नियुक्त किया है। नोडल शिक्षक विवरण रजिस्टर के आधार पर प्रेरणा ऐप पर परिवार सर्वेक्षण की फीडिंग कर रहे हैं।
स्पेशल एजूकेटर्स को कम से कम पांच घंंटे कार्य करना है। इस अवधि में अवकाश भी नहीं दिया जाएगा। अनुपस्थित पाए जाने पर उनके मानदेय की कटौती की जाएगी। यह कार्य 31 मई तक पूर्ण किया जाएगा। डीसी लियाकत अली का कहना है कि सर्वेक्षण का कार्य सही चल रहा है। समय पर पूरा हो जाएगा।
- कोट
शिक्षा सब का अधिकार है। कोई बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए डोर टू डोर नगर क्षेत्र में सर्वे का कार्य चल रहा है। शिक्षा से विमुख बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाकर उन्हें शिक्षा से जोड़ा जाएगा - जयकरन यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी