बिजनौर। सिविल जज जूनियर डिवीजन एफटीसी महिला अपराध शिल्पा जैन ने दहेज उत्पीड़न का शिकार हुई महिला के पति संदीप को दहेज उत्पीड़न एवं दहेज मांगने का दोषी पाते हुए दो वर्ष के कारावास एवं सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक अभियोजन अधिकारी नितिन शर्मा के अनुसार गांव कांशीरामपुर निवासी रंजना का विवाह चार दिसंबर 2011 को संदीप निवासी मेडिकल काॅलोनी बिजनौर के साथ हुआ था। शादी में रंजना के परिजनों ने अपनी हैसियत से अधिक दान दहेज दिया था। शादी के बाद से ही रंजना के पति संदीप एवं अन्य परिजनों ने कम दहेज लाने का ताना देना शुरू कर दिया। रंजना का मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न करने लगे। वह मायके आ गई। पांच मार्च 2012 को रंजना का पति संदीप व अन्य परिजन उसके मायके आए और तीन लाख रुपये नकद पिता से लेकर उन्हें देने की मांग की। उन्होंने कहा कि तीन लाख मिलेंगे तभी तुझे लेकर जाएंगे।
वह पांच मार्च 2012 से पिता के घर रह रही थी। अदालत ने इस मामले में पति संदीप को दहेज मांगने तथा दहेज के लिए प्रताड़ित करने का दोषी पाते हुए दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।