संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। त्वरित न्यायालय के न्यायाधीश खुशतर दानिश ने मोमिना की दहेज के लिए हुई हत्या में पति रईस को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास, दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता मुकुल राठौर के अनुसार चंडीगढ़ निवासी मुस्तकीम ने अपनी बहन मोमिना की शादी वर्ष 2013 में रईस निवासी गांव श्यामली के साथ की थी। मोमिना की शादी के समय उसके परिवार वालों ने अपनी हैसियत के अनुसार दान दहेज दिया था। पति रईस, ससुर भूरे, सास नसीबा ने मोमिना की मां को धमकी देकर एक लाख रुपये नकद एवं गाड़ी की मांग की थी। मोमिना के घर वालों ने मना कर दिया था, जिस पर नाराज होकर मोमिना का पति रईस, ससुर व सास उसे प्रताड़ित करते थे। 27 मार्च 2015 को पति रईस, ससुर भूरे, सास नसीबा ने मोमिना पर तेल डालकर आग लगा दी। इससे मोमिना की मौत हो गई। इस केस की सुनवाई के दौरान ससुर भूरे की मौत हो गई। कोर्ट ने मोमिना की दहेज के लिए हुई हत्या के मामले में पति रईस को 10 वर्ष की सजा सुनाई है। दोष सिद्ध नहीं होने पर सास नसीबा को बरी कर दिया है।