- सुबह आठ बजे से नहीं आई मेडिकल अस्पताल में बिजली
- बिजली गुल होने से अस्पताल में नहीं हुई जांच
- अस्पताल में फोन की टॉर्च जलाकर मरीजों की दी दवाई
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। मेडिकल अस्पताल में गर्मी के साथ बिजली का भी सितम रहा। अस्पताल में भर्ती मरीज और कर्मचारी गर्मी में बिलबिला उठे। सोमवार सुबह से ही अस्पताल की बिजली गायब थी। बिजली नहीं आने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल में कर्मचारी और तीमारदार इधर-उधर भटकते रहे।
मेडिकल अस्पताल में सुबह से आठ बजेे से बिजली नहीं आई। जिससे अस्पताल की पूरी व्यवस्था चरमरा गई। वार्ड में भर्ती मरीजों से लेकर चिकित्सक तक सभी गर्मी से परेशान रहे। चिकित्सकों नेे भी मरीजों को अंधेरे में ही देखा। वार्ड में गर्मी से बचने के लिए मरीजों ने हाथ के पंखे का इस्तेमाल किया। बेड पर तीमारदार मरीजों को पंखों से हवा करते मिले। वहीं दूसरी ओर औषधि विभाग में मरीजों को फोन की टॉर्च जलाकर दवाई दी गई। पसीना आने पर कर्मचारियों ने थोड़ी-थोड़ी बाहर आकर ताजी हवा ली। शहर में फिजियोथेरेपिस्ट की दुकानें भी बंद रहीं। क्योंकि बिजली नहीं आने से मशीनें नहीं चलीं।
बिजली नहीं आने से अटकीं 100 जांच
मेडिकल अस्पताल में करीब 120 लोगों ने जांच के लिए सैंपल दिए। जिनमें से करीब 100 मरीजों की जांच बिजली नहीं आने से अटक गई। सैंपल की जांच करने वाली बायोकेमिस्ट्स मशीन नहीं चली। जो जनरेटर से चल गई, उनसे जांच की गई।
33 हजार की लाइन लंबे समय से खराब
मेडिकल अस्पताल को 24 घंटे सप्लाई देने वाली 33 हजार की लाइन लंबे समय से खराब है। 11 हजार की एचटी लाइन में आए दिन फाल्ट होते हैं। जिससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सोमवार को फाल्ट होने से पूरे दिन अस्पताल की बिजली गुल रही। मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए जनरेटर चलाया गया, मगर वह भी हांफ गया। गर्म होकर जनरेटर बंद हो गया।
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मेडिकल अस्पताल में सुबह करीब आठ बजे से बिजली नहीं आई। जिससे काफी परेशानी हुई। जांच भी नहीं हुई हैं। वहीं भर्ती मरीजों के लिए जेनरेटर चलाया गया। मगर कुछ देर बाद वह भी बंद हो गया। बिजली विभाग से लाइन ठीक करने के लिए कहा गया है। कोशिश की जा रही है कि मरीजों को कोई परेशानी न हो - डॉ. मनोज सैन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, अस्पताल