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मानदेय नहीं मिलने पर कलेक्ट्रेट में गरजीं आशाएं

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मानदेय नहीं मिलने पर कलक्ट्रेट में गरजीं आशाएं
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बिजनौर। आशा कार्यकर्ताओं ने आशा कार्यकत्री वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के बैनर तले कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। पांच माह से मानदेय नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। जिन्होंने पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डीएम उमेश मिश्रा को सौंपा।
सोमवार को आशाओं ने मानदेय को लेकर कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन में भारी संख्या में आशा कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचीं और जमकर नारेबाजी की। आशाओं को पांच माह से मानदेय नहीं मिला है। जिसको लेकर आशाएं आक्रोशित हैं। वहीं डीएम को दिए ज्ञापन में आशाओं ने कहा कि 2500 रुपये में आशा व आशा संगिनी कार्य कर रही हैं। निरंतर अपनी सेवाएं दे रही हैं। मगर आशा संगिनी को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का कोई पैसा नहीं दिया गया है। वहीं दो वर्ष से खसरा, बूस्टर और डिलीवरी का पैसा भी नहीं मिला है। तीन अप्रैल से अब तक हर माह आने वाले 2200 रुपये भी नहीं मिले हैं।
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ज्ञापन में आगे कहा कि आशा और आशा संगिनी पर नसबंदी का दबाव डाला जाता है। जब कोई नसबंदी नहीं कराता है और कई नसबंदी फेल हो गई, तो इस पर आशा और आशा संगिनी के लेटर बनाकर हटाने की धमकी दी जाती है। आशाओं ने जिला अस्पताल का सुधार किए जाने की मांग की है। आशा और आशा संगिनी को समय पर भुगतान किया जाए। इसके अलावा प्रत्येक पीएचसी पर कमीशन मांगा जा रहा है, इसे रोके जाने की मांग की है। इस मौके पर गिरजा देवी, रीना, अवधेश, पूर्णिमा, हेमलता, कमला, उर्मिला आदि मौजूद रहीं।
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आशाओं के पैसे डालने की प्रक्रिया चल रही है। इस बार जुलाई के अंत में पैसा आया है। जिसकी वजह से आशाओं का पैसा डालने में देरी हुई है। तीन दिन के अंदर सभी आशाओं का पैसा उनके खातों में पहुंच जाएगा।
-डॉ. विजय कुमार गोयल, सीएमओ
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