- सड़क निर्माण के लिए भाजपा पूर्व सांसद भारतेंद्र के नेतृत्व में डीएम से मिले ग्रामीण
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संवाद न्यूज एजेंसी
भागूवाला/नजीबाबाद। बुनियादी सुविधाओं से वंचित गांव रामपुर चाठा तक सड़क पहुंचने की उम्मीद अब भी फाइलों में कैद है। मार्ग निर्माण की योजना पर कोई कार्रवाई न होने पर पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिला और सड़क निर्माण का मुद्दा उठाया।
यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर बसा नजीबाबाद तहसील का गांव रामपुर चाठा बुनियादी आज भी सुविधाओं से वंचित है। वन आरक्षित क्षेत्र में होने के कारण गांव में कई विकास कार्य रुके हुए है। गांव को जोड़ने के लिए न तो पक्की सड़क है और न ही बिजली। कई समस्याओं से जूझने पर अनेक ग्रामीण तो गांव से पलायन भी कर चुके हैं। वर्तमान में रामपुर चाठा में करीब दो हजार की आबादी निवास करती है।
डीएम उमेश मिश्रा और सीडीओ पूर्ण बोरा ने पिछले वर्ष गांव के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों को गांव के विकास और गांव तक सड़क पहुंचाने का आश्वासन दिया था। उनके निर्देश पर अधिकारियों ने मार्ग निर्माण और वन विभाग से अनुमति के लिए रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी थी। मामले के कोई कार्रवाई न होने पर भाजपा पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह के नेतृत्व में रामपुर चाठा के प्रधान सोमदत्त और ग्रामीण एक सप्ताह पूर्व डीएम उमेश मिश्रा से मिले और गांव तक पक्की सड़क पहुंचाने की मांग की।
संयुक्त टीम कर चुकी है सर्वे
डीएम उमेश मिश्रा और सीडीओ पूर्ण बोरा के निर्देश पर पिछले साल वन विभाग और लोनिवि के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने वन क्षेत्र का सर्वे किया था। उस दौरान टीम ने सर्वें में 12 मीटर चौड़ाई के मार्ग निर्माण कार्य में बाधा बनने वाली वन संपदा को चिह्नित किया था।
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मार्ग निर्माण से वन संपदा को होने वाले नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट शासन को भेजी गई है - डाॅ. एमके शुक्ला, डीएफओ बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद।
वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार वन संपदा क्षतिपूर्ति की धनराशि जमा होने के बाद ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू हो सकेगा। वन संपदा क्षतिपूर्ति की धनराशि और मार्ग निर्माण का स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है - योगेंद्र सिंह, एक्सईएन, लोनिवि, नजीबाबाद।