-जिले में संचालित हैं 13 होम्योपैथिक अस्पताल
-जिला होम्योपैथिक अस्पताल में नहीं चिकित्सक की तैनाती
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। जिले के होम्योपैथिक अस्पतालों में दवाई लिखने वाले चिकित्सक तो हैं, मगर दवाई देने वाले फार्मासिस्ट नहीं हैं। सभी अस्पतालों में फार्मासिस्टों के पद स्वीकृत हैं। मगर तैनाती किसी अस्पताल में नहीं है। जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले में 13 होम्योपैथिक अस्पताल संचालित हो रहे हैं।
सरकार भी होम्योपैथिक को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है। मगर अस्पतालों में पिछले एक साल से एक भी फार्मासिस्ट नहीं है। एक साल पहले तक फजलपुर के होम्योपैथिक अस्पताल में केवल एक ही फार्मासिस्ट तैनात था। उसकी मौत हो गई। जिसके बाद जिले के सभी होम्योपैथिक अस्पताल फार्मासिस्ट विहीन हो गए। जिले में किसी भी नए फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं हुई है। इसके अलावा जिला अस्पताल और एक अन्य होम्योपैथिक अस्पताल में चिकित्सक की भी तैनाती नहीं है। क्षेत्रीय अस्पतालों के चिकित्सकों की ड्यूटी जिला अस्पताल में स्थित होम्योपैथिक अस्पताल में लगाई जा रही है। वहीं फार्मासिस्ट नहीं होने से मरीजों को भी इंतजार करना पड़ता है। क्योंकि चिकित्सक मरीजों को देखने के बाद ही उन्हें बाद में दवाई देता है। फार्मासिस्टों की तैनाती के लिए विभाग को पत्र भी भेजा जा चुका है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
इन जगहों पर संचालित हो रहे होम्योपैथिक अस्पताल
जिला स्तरीय होम्योपैथिक अस्पताल, जिला अस्पताल में संचालित हो रहा है। जबकि अन्य 12 अस्पताल अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे हैं। सिसौना, अकौंधा, फीना, मंडावली, फजलपुर, पुक्खेवाला, दतियाना, अलाद्दीनपुर बोगी, बजीरपुर, मुकरपुरी, मिलक मुकीमपुर में होम्योपैथिक अस्पताल चल रहे हैं। मगर किसी भी अस्पताल में फार्मासिस्ट नहीं है।
वर्जन:: जिलेभर के होम्योपैथिक अस्पतालों में एक भी फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं है। मुख्यालय को हर महीने फार्मासिस्ट नहीं होने का पत्र भेजा जाता है। मीटिंग में भी अधिकारियों और विभागीय मंत्री से भी यह समस्या उठाई गई। मगर अभी तक एक भी फार्मासिस्ट नहीं मिला है।.....डॉ. आरती गुप्ता, डीएचओ