बिजनौर में मंगलवार की सुबह छाए कोहरे में हेडलाइट जलाकर गुजरते वाहन।
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बिजनौर जिले में शीतलहर का कहर जारी है। मंगलवार को भी सुबह से ही कड़ाके की ठंड रही। कड़ाके की ठंड को देखते हुए बीएसए ने डीएम के निर्देश पर जिले के नर्सरी से कक्षा आठ तक के सभी स्कूलों में अवकाश कर दिया है। शिक्षकों को स्कूल पहुंच कर विभागीय काम कराने के निर्देश दिए हैं।
जिले में शीतलहर का प्रकोप जारी है। मंगलवार को भी सुबह के समय में घना कोहरा छाया रहा। रात में पाला पड़ने से सुबह के समय में गलन भी रही। सूर्य देव के दर्शन भी दोपहर में एक बजे हुए। दिनभर लोग परेशान रहे। जिले में चल रही शीतलहर को देखते हुए बीएसए महेश चंद्र ने डीएम के निर्देश पर जिले के सभी नर्सरी से कक्षा आठ तक के स्कूलों में 14 जनवरी तक बच्चों का अवकाश घोषित कर दिया है। जिले के सभी परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को निर्धारित समय से स्कूल पहुंचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों का अवकाश जिले के आईसीएसई, सीबीएसई, यूपी बोर्ड, परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में रहेगा। इसके निर्देश जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों व शिक्षकों को दिए गए हैं। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, रात्रि में पड़ रहे पाले से सब्जियों की फसल भी प्रभावित होने लगी है। आलू की फसल पर पाले का ज्यादा असर पड़ सकता है। नगर पालिका की ओर से राहगीरों को ठंड से बचाने के लिए मुख्य चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की है।
पाले व कोहरे से करें फसलों का बचाव
बिजनौर । जिला कृषि रक्षा अधिकारी विकास कुमार ने फसलों को पाले एवं कोहरे से बचाने के लिए आवश्यक सुरक्षा के उपाय बताए हैं। उन्होंने बताया कि घने कोहरे और शीतलहर के चलते फसल को 10 से 20 प्रतिशत नुकसान हो सकता है। पाले पड़ने की संभावना को देखते हुए फसलों की सिंचाई आवश्यक है। नर्सरी में पौधों को प्लास्टिक की चादर से ढका जाए। खेतों के पास धुआं करें। दवाईयों का छिड़काव भी आवश्यक है। खेतों की मेढ़ पर वायु रोधक पेड़ जिसमें शहतूत, शीशम, बबूल, जामुन आदि लगाए जा सकते हैं।
सर्दी से जनजीवन प्रभावित
नगीना। कड़ाके की सर्दी के कारण जन जीवन बुरी तरह प्रभावित है। चिकित्सकों ने बुजुर्गों व बच्चों को गर्म कपड़े के साथ साथ खान पान का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। साथ ही हृदय रोगियों को सुबह व शाम के समय कोहरे से बचाव करने को कहा है। सीएचसी प्रभारी डॉ. नवीन कुमार ने सलाह दी है कि वर्तमान समय में मौसम में भारी ठंडक बनी है। मौसम का बदलाव बच्चों व वृद्धों के लिए बेहद खतरनाक है। ऐसे में उन्हें खानपान में बेहद एहतियात बरतनी चाहिए। सुबह-शाम घूमने के लिए गर्म कपड़ों के साथ ही निकलें, पीने में गुनगुने व नहाने के लिए गर्म पानी का प्रयोग करें। इधर, एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी ठंड का कहर जारी है जिसके कारण जन जीवन अस्त व्यस्त है। कारोबारियों के साथ साथ काष्ठ कला नगरी का कारोबार भी कारीगरों के काम पर न पहुंचने से उद्योग स्वामियों में बेचैनी है।