- सामरी साहित्य कला एकेडमी में हुआ काव्य गोष्ठी का आयोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। सामरी साहित्य कला एकेडमी की ओर से काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें डॉ. आलमगीर काजमी ने कहा कि होलिका जलकर राख हुई है, पाप से धरती पाक हुई है। सच की जहां में धाक हुई है। सूरज निकला छठे अंध्यारे, होली खेलो साथ हमारे। इसके अलावा अन्य कवियों ने भी विचार रखे।
मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम कार्यक्रम की अध्यक्षता एडवोकेट इंद्र कुमार जोशी व संचालन निशात अहमद एडवोकेट ने किया। एकेडमी के अध्यक्ष डॉ. आलमगीर काजमी ने डॉ. शमीम मुर्तुजा एवं नंदलाल को शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में डॉ. रमेश गिरी ने कहा कि न हिंदू बनाया न मुसलमान बनाया, भगवान ने तो सबको बस इंसान बनाया।
कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि धर्म जाति का भेद मिटाओ, होली मनाओ होली मनाओ। डॉ. संजीव गौड़ ने कहा कि लीडर यूं गरजता है, सुनकर ऐसा लगता है, गरज भरी यह नारेबाजी भ्रष्टाचार मिटाएगी। इसके अलावा अशोक विश्नोई, डॉ. अंजू विश्नोई, इंडियन नगीनवी, शाकंभरी देवी, अकरम नगीनवी, शाहिद अंजुम, प्रमोद मलिक, तस्लीम अहमद आदि ने कलाम पेश किए। इस मौके पर डॉ. संदीप शर्मा, शेख अंजार, मतलूब अहमद कुरैशी, शेख मोहम्मद राशिद, डॉ. शेख नगीनवी आदि मौजूद रहे।