शेरकोट में बैंक के बाहर प्रदर्शन करते सफाईकर्मी।
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धामपुर में दो माह से वेतन न मिलने से गुस्साए सफाई कर्मचारियों ने शेरकोट में बैंकों के बाहर झाड़ू लहराकर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद से हालात खराब हैं। बैंकों में कैश देने में मनमानी के कारण ही ऐसी स्थिति हो गई है। चेतावनी दी गई कि यदि समस्या का समाधान न हुआ तो बैंक के बाहर कूड़ा डाल दिया जाएगा।
पालिका के कुछ सफाई कर्मचारियों ने कहा कि वेतन न मिलने पर परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। बैंक में कैश की मांग की जाती है तो स्टाफ अभद्रता करता है। उन्होंने कहा कि कैश की किल्लत से जूझ रहे ग्राहकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। यह अनुचित है। हंगामा करने वालों हरकेश पवार, सुरेश कुमार, अनीता, बीना, दिनेश, कमलेश, सुनीता, राजीव, प्रदीप, सदीप, अमर, संतोष आदि शामिल रहे। उधर, मोहल्ला निकम्माशाह के 75 वर्षीय मान सिंह ने बताया कि वे दुर्घटना में घायल हो गए। उपचार के लिए पैसे नहीं मिल रहे हैं। परिजन कई दिन से कैश के लिए बैंक के चक्कर काट रहे हैं।
अफजलगढ़, कासमपुरगढ़ी, रेहड़ में भी खातेधारकों ने कैश न मिलने पर बैंकों के बाहर जमकर नारेबाजी और हंगामा किया गया। आरोप है कि क्षेत्र के सभी बैंकों में दो तीन घंटे में कैश खत्म हो जाता है। ग्राहक कैश न मिलने से परेशान हैं। लेकिन बैंक अधिकारी ग्राहकों की एक नहीं सुन रहे।