धामपुर में एसबीडी कॉलेज में हिंदी दिवस पर गोष्ठी को संबोधित करती सीओ इंदू सिद्धार्थ।
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हिंदी से ही है विश्व में हिंदुस्तान की पहचान
धामपुर। हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में शिक्षण संस्थाओं में कार्यक्रम आयोजित हुए। सभी ने हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। सीओ इंदू सिद्धार्थ ने कहा कि हिंदी से ही हिंदुस्तान की पहचान है। इस मौके पर प्रतियोगिताओं का आयोजन भी हुआ।
एसबीडी कॉलेज में छात्रा त्रिशा शर्मा ने कविता प्रस्तुत की। अजरा ने ’ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन’ गीत गाया। हिंदी विभाग की ओर से हस्तलिखित पत्रिका का लोकार्पण हुआ। मुख्य वक्ता डॉ. शंकर लाल शर्मा (भूतपूर्व हिंदी विभागध्यक्ष आरएसएम कॉलेज धामपुर) ने हिंदी भाषा एवं देवनागरी लिपि की वर्तमान समय में उपयोगिता पर प्रकाश डाला। एसडीएम मनोज कुमार सिंह ने कहा कि हिंदी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में देश को जोड़ने का कार्य किया। प्राचार्या प्रो. अर्चना सिंह ने छात्राओं की रचनात्मकता की सराहना की।
रामगोपाल रामचंद्र सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य ऋषिपाल सिंह ने कहा कि सर्वप्रथम हिंदी भाषा को राष्ट्र भाषा बनाने की मांग महात्मा गांधी ने 1918 में की थी। देश आजाद होने के बाद 14 सितंबर 1949 को हिंदी भाषा को सर्व सम्मति से राष्ट्र भाषा के रूप में स्वीकार किया गया। भारत के संविधान में भारत की राष्ट्र भाषा हिंदी है। सभी सरकारी कार्य हिंदी में ही किए जाने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर छात्र ऋतिक चौहान, रितेश चौहान, मंयक चौहान, जिज्ञासु, मंयक कुमार ने विचार रखे। यूपी युवा साहित्यकार संघ की ओर से संपन्न हुए कार्यक्रम में संरक्षक हरिकांत शर्मा ने सभी से हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करने का संकल्प दिलाया।