अमर उजाला फाउंडेशन और कृष्णा कॉलेज की ओर से हिन्दी दिवस पर आयोजित हुआ कवि सम्मेलन
-रचनाएं प्रस्तुत कर कवियों ने खूब लूटी वाहवाही
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। हिंदी हिंदुस्तान की भाषा है अनमोल, कृष्ण सरीखी बांसुरी मिश्री जैसा घोल...। ये लाइन प्रस्तुत कर डॉ अशोक शर्मा ने हिन्दी की शान में चार चांद लगा दिए। मौका था, कवि सम्मेलन के आयाेजन का, जिसमें साहित्यकारों और कवियों ने हिन्दी को सरल और विश्व में सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा बताया। वहीं, रचनाएं पेश कर खूब वाहवाही लूटी।
हिंदी दिवस के मौके पर अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से कृष्णा कॉलेज में कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। शुभारंभ मुख्य अतिथि महाविद्यालय संस्थापक निदेशक राजीव कुमार, अनुपमा सिंह, प्रबंधक मनोज कुमार, निदेशक पवन कुमार, कृष्ण कॉलेज आफ लॉ प्राचार्य डॉ परवेज अहमद खान, कृष्णा कॉलेज आफ साइंस की प्राचार्या डॉ सीमा शर्मा, कृष्णा कॉलेज आफ फार्मेसी प्राचार्य डॉ अंकित सैनी ने किया।
कवि सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कवि हुक्का बिजनौरी ने कहा ‘रात के अंधेरे में एक अधिकारी, एक इंजीनियर और ठेकेदार में, पता नहीं क्या करार हो गया कि सुबह होते ही एक पुल नदी को लेकर फरार हो गया’ कवि डॉक्टर अनिल चौधरी ने कहा ‘पहले दिल को खूब सताना पड़ता है, फिर कुंदन सा रोज तपाना पड़ता है, प्यार वफा गुड्डे गुड़ियों का खेल नहीं, मीरा जैसा रोग लगाना पड़ता है’ और कवयित्री मंजू जौहरी ने ‘मेरे देश का गौरव है, मेरे देश की शान है हिंदी, तीन रंग के वसन हैं, इसके भारत की पहचान है हिंदी’ सुनाकर वाहवाही लूटी।
रचना शास्त्री ने ‘बसें हृदय में सदा मम प्राण हिन्दी है, सतत बहती रूधिर सी जान हिन्दी है, रमेश राजहंस ने ‘हिन्दी तो है बड़ी बहन और उर्दू है छोटी बहना, मेरे देश का मेरे वतन का क्या कहना भाई क्या कहना’, विकास कुमार ने ‘हिन्दी की क्या बात करूं, होगा वह तो लोकाचार, हिन्दी रची बसी रग रग में, करना होगा इसको स्वीकार’ सुनाकर हिंदी का महत्व बताया।
प्राचार्या डॉ सीमा शर्मा ने कहा कि हिंदी आज पूरे विश्व में बोली और पढ़ी जा रही है, हिंदी नए प्रतिमान गढ़ रही है। आज हिंदी पूरे विश्व की भाषा बन गई है। संचालन कर रही डॉ पायल राठी ने कहा कि हमें आम बोलचाल की भाषा में हिंदी को अपनाना चाहिए। सरकारी कामकाज की भाषा भी हिंदी बने। न्यायालय में होने वाले कार्य भी हिंदी में शुरू किया जाए। कार्यक्रम के अंत में सभी कवियों को शॉल तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।