- सोमवार को मौसम के मिजाज में हुआ बदलाव, तीन घंटे खूब बरसे बदरा
- तापमान में गिरावट आने से गर्मी से मिली राहत, मौसम हुआ सुहाना
- 45 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई सोमवार को जिले में
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सोमवार की सुबह तक उमस और गर्मी के बाद मौसम ने अचानक करवट बदल ली। करीब तीन घंटे झमाझम बारिश होने से गर्मी से निजात मिली और मौसम सुहाना हो गया। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, बरसात होने पर किसानों के चेहरे खिल उठे। अब धान की रोपाई के लिए खेत तैयार किया जा सकेंगे। गन्ने के लिए यह बारिश मुफीद रही।
सोमवार की सुबह से ही तेज धूप और उमसभरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया था। दोपहर में घर से बाहर निकलना भी मुश्किल रहा। करीब एक बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में छायी काली घटा मोटी मोटी बूंदों के साथ बरसने लगी। करीब चार बजे तक झमाझम बारिश होती रही। बारिश होती देख बच्चे बरसात में नहाने के लिए घरों की छतों और रास्तों पर निकल आए। तमाम लोगों ने खुद को बारिश में भिगोया और मौसम का आनंद लिया।
उधर, सोमवार को अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम पारा 24.8 डिग्री रहा। नगीना के कृषि अनुसंधान केंद्र में 44.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश होने की वजह से दिन के तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज हुई।
पानीपत-खटीमा हाईवे पर हुआ जलभराव, फैला कीचड़
कोतवाली देहात/ नगीना। बारिश ने ही कस्बे में सफाई व्यवस्था की कलई खोल दी। बारिश के कारण पानीपत-खटीमा हाईवे पर कई स्थानों पर भारी जल भराव हो गया। लगभग एक किलोमीटर तक भारी कीचड़ फैल गया। जिला सहकारी बैंक से लेकर ईदगाह तक भारी जलभराव रहा। नहटौर तिराहे से लेकर नजीबाबाद तिराहे तक वाहनों को घुटने भर पानी और कीचड़ में गुजरना पड़ा।
कई स्थानों पर निर्माणाधीन नाले की वजह से भी भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष चौधरी वीरपाल सिंह का कहना है कि बारिश का मौसम सामने आ गया है। मगर, ओवर ब्रिज का निर्माण कर रही संस्था द्वारा कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है। कई बार सर्विस रोड डालने की बात कही गई है लेकिन कार्य नहीं हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माणाधीन नाले को कई स्थानों पर बनाकर छोड़ दिया गया है। एक साइड का निर्माण पूरा न होने के बावजूद दूसरी साइड में भी नाला खोद कर डाल दिया गया है। इससे दुकानदारों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नाला खोदने के दौरान कई स्थानों पर मिट्टी नहीं डाली गई है जिस कारण दुकान धंसने का खतरा बना हुआ है। इस संबंध में हाईवे के प्रोजेक्ट मैनेजर हरप्रीत ने बताया कि मंगलवार को कोतवाली देहात में सफाई कराई जाएगी। उधर, नगीना के महाराजा अग्रसेन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बारिश के बाद जलभराव हो गया।
सूखती फसलों को मिली संजीवनी
नहटौर के किसान धर्मवीर सिंह, राजपाल सिंह, यशपाल सिंह, राजवीर सिंह आदि ने बताया कि बारिश निश्चित रूप से फसलों के लिए लाभकारी है। भीषण गर्मी के कारण नलकूप से पानी देने के बावजूद भी खेतों में खड़ी गन्ना, ज्वार, बाजरा आदि फसल सूख रही थी। झमाझम बारिश से सूखती फसलों को संजीवनी मिल गई। हल्दौर के सुरेश कुमार, प्रमोद कुमार, दिनेश कुमार, अशोक कुमार, मदनपाल आदि किसानों का कहना है कि बारिश होने से गन्ना, बाजरा, मक्का, चरी आदि फसल लहलहा गई। अफजलगढ़ और कादराबाद के किसान जसवंत सिंह, विरेन्द्र, बलकार, संगम दर्शन सिंह, मुख्त्यार सिंह आदि का कहना है कि वर्षा नहीं होने के कारण किसानों की गन्ना, मक्का व चारे की फसल सूखने के कगार पर थी। अब पहली वर्षा से किसानों ने राहत महसूस की।