बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट खुश्तर दानिश ने पवन हत्याकांड में दोषी पाते हुए हेमंत को आजीवन कारावास व 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से 15-15 हजार रुपये मृतक के पिता एवं पत्नी को दिए जाने के आदेश दिए हैं।
शासकीय अधिवक्ता मुकुल राठौर के अनुसार रमेश सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका लड़का पवन किरतपुर के पास स्थित विपिन गोयल के कोल्ड स्टोर में काम करता था। टीचर कॉलोनी किरतपुर निवासी हेमंत 23 फरवरी 2021 की शाम खाने पर पवन के साथ उसके घर गया था। वहां पर हेमंत का पवन से विवाद हो गया थी। हेमंत ने पवन को देख लेने की धमकी दी थी।
25 फरवरी 2021 को दो बजे उसका भाई बृजेश कोल्ड स्टोर पर काम पूछने गया था। तभी उसने देखा कि हेमंत और उसके दो साथियों ने पवन पर चाकू से हमला कर रहा है। बृजेश के शोर मचाने पर कोल्ड स्टोर पर काम करने वाले लोग आ गए। जिन्हें देखकर हमलावर भाग गए। पवन को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पवन को मृत घोषित कर दिया। कोर्ट ने इस मामले में हेमंत को पवन की हत्या एवं पवन की पत्नी से अभद्रता का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
- चार्ज बनने के 90 दिन में हुआ केस का निर्णय
पवन हत्याकांड में विशेष बात यह रही कि इस हत्याकांड में सात अक्टूबर 2023 को चार्ज बनने के बाद गवाही शुरू हुई। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 90 दिन के अंदर 88 दिन में केस का निस्तारण कर दोषी को सजा सुनाई है।