बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को यूनिफार्म, जूते, मोजे, स्कूली बैग आदि की धनराशि डीबीटी के माध्यम अभिभावकों के बैंक खातों में भेजी गई है। ये धनराशि अभिभावकों को मिली या नहीं। शिक्षकों ने बताया कि काफी लोगों फोन बंद हो चुके हैं, कई उठाते नहीं हैं। ज्यादातर अभिभावकों ने बताया कि अभी उन्होंने बैंक जाकर पासबुक अपडेट नहीं कराई है।
जनपद में 2119 परिषदीय स्कूलों में करीब दो लाख 55 हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। स्कूलों के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई फ्री होने के साथ उन्हें यूनिफार्म, जूते, मोजे, स्कूल बैग आदि सुविधाएं भी दी जाती है। इससकी धनराशि डीबीटी के माध्यम से छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैंक खाते पहुंच रही है। बीएसए कार्यालय में गैर जनपद से आए शिक्षकों की ड्यूटी लगाई है। छह से सात शिक्षकों की कार्यालय में ड्यूटी लगाई है। ये शिक्षक रोजाना सूची से नंबर लेकर अभिभावकों को फोन कर धनराशि पहुंचने की जानकारी ले रहे हैं। साथ ही धनराशि से बच्चों को कपड़े, जूते, मोजे, बैग दिलाने आदि की अपील कर रहे हैं। शिक्षकों ने बताया कि कई अभिभावकों का फोन नहीं उठता, कई अभिभावकों ने बैंक जाकर जानकारी नहीं ली है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने बताया कि यूनिफार्म आदि की धनराशि डीबीटी के माध्यम अभिभावकों के बैंक खातों में भेज दी है। अभिभावकों के बैंक खातों में धनराशि पहुंची या नहीं। इसके लिए कार्यालय में बैठकर फोन करके अभिभावकों से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।