मलेरिया, डेंगू से निपटने के लिए तैयार स्वास्थ्य विभाग
बिजनौर। जिला अस्पताल में डेंगू और मलेरिया के मरीजों के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं। डेंगू के लिए छह बेड का एक वार्ड अस्पताल में आरक्षित है। बीमारियों से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। हालांकि अभी तक डेंगू का कोई मरीज नहीं मिला है, जबकि मलेरिया के 29 मरीज मिल चुके हैं। उधर, डेंगू के खतरे को भांपते हुए अस्पताल में दवाइयों की व्यवस्था कर ली गई है।
बरसात के बाद जगह-जगह जलभराव हो जाता है। जिसमें मच्छर का लार्वा पनपने का खतरा बना रहता है। जिसके चलते सितंबर महीने से डेंगू के मरीज मिलने लगते हैं। इसके साथ ही दूषित जल की वजह से मलेरिया भी हो जाता है। इसलिए अधिकारी लगातार लोगों को साफ-सफाई के लिए जागरूक कर रहे हैं। साथ ही ग्राम प्रधानों को जलभराव होने वाले स्थान पर दवाई के छिड़काव के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग डेंगू और मलेरिया की दस्तक से पहले ही तैयारियों में जुट गया है। जिला अस्पताल में मलेरिया और डेंगू के लिए दो वार्ड आरक्षित कर दिए गए हैं। सीएचसी और पीएचसी पर भी डेंगू और मलेरिया से निपटने के इंतजाम स्वास्थ्य विभाग ने कर रखे हैं। तमाम इंतजामों के बाद भी जिलेभर में मलेरिया के अभी तक कुल 29 मरीज मिले हैं। लेकिन इलाज के बाद सभी मरीज ठीक हो गए।
अस्पताल में पर्याप्त संसाधन : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि डेंगू, मलेरिया से निपटने के लिए पूरे संसाधन हैं। अस्पताल में दवाइयों की पूरी व्यवस्था है। बेड पर लगाने के लिए मच्छरदानी भी है। इस समय उतारकर रख दी गई हैं। अगर कोई मरीज आता है तो बेडों पर मच्छरदानी लगा दी जाएगी।
सीएचसी, पीएचसी पर तैयारी पूरी : सीएमओ
सीएमओ डॉ. विजय कुमार गोयल ने कहा कि सभी सीएचसी और पीएचसी पर जांच से लेकर दवाइयों की पूरी व्यवस्था है। स्वास्थ्य विभाग इस बार डेंगू और मलेरिया से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी।